पारद शिवलिंग निर्माणपारद के अष्ट संस्कार क्या हैं?पारद के अष्ट संस्कार पारद के नैसर्गिक दोष (विष, मल, चापल्य) दूर करके दिव्य गुण जाग्रत करते हैं — प्रमुख संस्कार: स्वेदन, मर्दन, मूर्छना, नियमन, दीपन, बंधन।#अष्ट संस्कार#स्वेदन मर्दन मूर्छना#रसशास्त्र
शिवलिंग प्रकारपारद शिवलिंग की पूजा विधि सामान्य शिवलिंग से कैसे भिन्न है?पारद शिवलिंग = पारा + जड़ी-बूटी (रसशास्त्र विधि)। पूजा = 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन का पुण्य। विशेष मंत्र: 'ॐ मृत्युभजाय नमः', 'ॐ नीलकंठाय नमः'। सफेद आसन, ईशान कोण में मुख, दाहिनी ओर घी का दीपक। तांत्रिक महत्व सर्वोच्च। नकली से सावधान — असली भारी और शीतल होता है।
शिवलिंग प्रकारपारद शिवलिंग की पूजा विधि सामान्य शिवलिंग से कैसे भिन्न है?पारद शिवलिंग = पारा + जड़ी-बूटी (रसशास्त्र विधि)। पूजा = 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन का पुण्य। विशेष मंत्र: 'ॐ मृत्युभजाय नमः', 'ॐ नीलकंठाय नमः'। सफेद आसन, ईशान कोण में मुख, दाहिनी ओर घी का दीपक। तांत्रिक महत्व सर्वोच्च। नकली से सावधान — असली भारी और शीतल होता है।#पारद#शिवलिंग#पारा