मंत्र जप अनुभवमंत्र जप करते समय रोने की इच्छा क्यों होती है?अत्यंत शुभ। कारण: भक्ति जागरण (प्रेमाश्रु), कर्म शुद्धि, आत्मा-परमात्मा मिलन, अनाहत चक्र, तनाव मुक्ति। रोकें नहीं = शुद्धि प्रक्रिया। चैतन्य/मीरा/रामकृष्ण = सभी रोए। देवता कृपा निकट।#रोना#जप#कारण
ध्यान अनुभवध्यान करते समय रोने की इच्छा क्यों होती है?दबी भावनाएं release (शुद्धि), भक्ति प्रेमाश्रु (मीरा/चैतन्य), अनाहत सक्रिय, कुंडलिनी transition। सामान्य+शुभ। रोकें नहीं! बहने दें → हल्कापन+शांति = healing।#ध्यान#रोना
स्वप्न शास्त्रसपने में रोना दिखने का अर्थरोना = विरोधाभासी — सपने में रोना, जागते में खुशी (लोक मान्यता)। तनाव मुक्ति, पाप क्षय, शुभ समाचार। मृत व्यक्ति के लिए रोना = श्राद्ध दें। मनोविज्ञान: दमित भावनाओं की catharsis।#रोना#सपना#भावनाएं
ध्यान अनुभवध्यान में अचानक भावनाओं का उमड़ना क्या सामान्य है?पूर्णतः सामान्य+शुभ। दबी भावनाएं release (healing), अनाहत, कुंडलिनी, भक्ति प्रेमाश्रु। रोकें नहीं→बहने दें→हल्कापन।: 'ऊर्जा→अनुभव=सामान्य।'#भावनाएं#उमड़ना#सामान्य