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वध से जुड़े सभी प्रश्न(5)

वध पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 5 प्रश्न उपलब्ध हैं।

शिव अस्त्र-शस्त्र

शिव जी ने पिनाक धनुष से किसका वध किया था

शिव ने पिनाक धनुष से त्रिपुरासुर के तीन अभेद्य उड़नशील नगरों को एक ही बाण से भस्म किया। तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली का अंत हुआ — इसीलिए शिव 'त्रिपुरांतक' हैं।

#पिनाक#त्रिपुरासुर#त्रिपुरांतक
लोक

हिरण्याक्ष कौन था और उसका वध कैसे हुआ?

हिरण्याक्ष विजय का असुर जन्म था, जिसे वराह भगवान ने पृथ्वी उद्धार के समय मारा।

#हिरण्याक्ष#वराह#वध
लोक

भगवान के हाथों मारे गए असुर सत्यलोक क्यों जाते हैं?

भगवान के हाथों मृत्यु = अहैतुकी कृपा। भगवान की शक्ति संपर्क मात्र से पवित्र करती है। इसीलिए भगवान से युद्ध में मरे असुर भी सत्यलोक पहुँच सकते हैं।

#असुर#सत्यलोक#भगवान
अवतार की कथा

तारकासुर वध के लिए शिवपुत्र की आवश्यकता क्यों पड़ी?

तारकासुर को वरदान था — 'केवल शिव के पुत्र द्वारा ही वध हो सकेगा।' इसलिए देवताओं को शिवपुत्र की आवश्यकता पड़ी। कार्तिकेय ने बड़े होकर देवसेना का नेतृत्व किया और तारकासुर का वध किया।

#तारकासुर#शिवपुत्र वरदान#देवता
शिव पूजा नियम

शिव पूजा में शंख बजाना वर्जित क्यों माना जाता है?

शिव पुराण: शंखचूड़ दैत्य का शिव ने वध किया → उसकी अस्थियों से शंख उत्पन्न → दैत्य अवशेष से शिव पूजा अनुचित। शंख से जल और शंख बजाना दोनों वर्जित। तांबे/कांसे से जल चढ़ाएं। शंख = विष्णु प्रतीक, विष्णु पूजा में शुभ।

#शंख#निषेध#शंखचूड़
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