दिव्यास्त्रमहर्षि वशिष्ठ ने आग्नेयास्त्र का प्रतिकार कैसे किया?महर्षि वशिष्ठ ने विश्वामित्र के आग्नेयास्त्र को अपने ब्रह्मदंड की तपोशक्ति से निष्प्रभावी कर दिया था। यह आध्यात्मिक शक्ति की दिव्यास्त्रों पर श्रेष्ठता का प्रमाण है।#वशिष्ठ#आग्नेयास्त्र#ब्रह्मदंड
दिव्यास्त्रब्रह्मदंड क्या है ब्रह्मा का अस्त्रब्रह्मदंड ब्रह्मा का दिव्य दंड है जो किसी भी अस्त्र को निष्प्रभावी कर देता है। वशिष्ठ के पास यह था — जब विश्वामित्र ने सेना से आक्रमण किया तब वशिष्ठ ने ब्रह्मदंड से सब कुछ निगल लिया।#ब्रह्मदंड
दिव्यास्त्रब्रह्मांडास्त्र क्या होता हैब्रह्मांडास्त्र ब्रह्मा के पाँचों मुखों की शक्ति का प्रतीक — सर्वोच्च महास्त्र। केवल महर्षि वशिष्ठ के पास इसका वर्णन है। इसने विश्वामित्र के ब्रह्मास्त्र को पी लिया था। महाभारत में यह किसी के पास नहीं था।#ब्रह्मांडास्त्र#ब्रह्मा पाँच मुख#वशिष्ठ
शक्तिपीठतारापीठ में काली माता की तांत्रिक पूजा कैसे होती है?वीरभूम, बंगाल। वशिष्ठ प्रथम उपासक, बामाखेपा। श्मशान साधना, पंचमुंडी आसन, बलि। सामान्य भक्त: दर्शन + 'ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट' + लाल फूल+सिंदूर। तांत्रिक = गोपनीय।#तारापीठ#बंगाल#तांत्रिक