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वार्षिक श्राद्ध से जुड़े सभी प्रश्न(9)

वार्षिक श्राद्ध पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 9 प्रश्न उपलब्ध हैं।

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क्षयाह अष्टमी श्राद्ध क्या है?

अष्टमी मृत्यु तिथि वाला श्राद्ध।

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लोक

नैमित्तिक श्राद्ध क्या है?

मृत्यु तिथि जैसे विशेष कारण से किया गया श्राद्ध नैमित्तिक है।

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श्राद्ध भेद

क्षयाह श्राद्ध किसे कहते हैं?

क्षयाह श्राद्ध वह वार्षिक श्राद्ध है जो किसी पितर की मृत्यु तिथि पर हर वर्ष किया जाता है। क्षय का अर्थ है मृत्यु और अह का अर्थ है दिन, यानी मृत्यु का दिन। यह एकोद्दिष्ट श्राद्ध का ही दूसरा नाम है। यदि मृत्यु द्वितीया को हुई थी, तो प्रतिवर्ष द्वितीया को क्षयाह होगा। इसमें केवल एक पिण्ड का दान होता है, और तीन पीढ़ियों का आवाहन नहीं होता।

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श्राद्ध भेद

एकोद्दिष्ट श्राद्ध क्या होता है?

एकोद्दिष्ट श्राद्ध वह श्राद्ध है जो किसी एक विशेष पितर को उद्दिष्ट करके प्रतिवर्ष उसकी मृत्यु तिथि पर किया जाता है। इसे क्षयाह श्राद्ध भी कहते हैं, क्योंकि यह क्षय यानी मृत्यु के दिन पर होता है। इसमें केवल उसी एक मृत व्यक्ति के लिए एक पिण्ड का दान होता है, और तीन पीढ़ियों का आवाहन नहीं होता। यह उसी मास की उसी तिथि पर हर साल होता है।

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तिथि श्राद्ध

क्या द्वितीया श्राद्ध शुक्ल पक्ष में भी होता है?

हाँ, द्वितीया श्राद्ध शुक्ल पक्ष में भी होता है। विष्णु पुराण के अनुसार जिन पितरों की मृत्यु किसी भी मास के शुक्ल पक्ष अथवा कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को हुई हो, उनका वार्षिक क्षयाह श्राद्ध उसी द्वितीया तिथि को होता है। पितृ पक्ष का पार्वण श्राद्ध सबके लिए आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया को होता है।

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प्रतिपदा श्राद्ध

प्रतिपदा श्राद्ध किसका किया जाता है?

प्रतिपदा श्राद्ध उन मृत सदस्यों (पिता/माता/दादा/दादी आदि) का होता है जिनकी मृत्यु किसी भी मास के शुक्ल/कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) को स्वाभाविक रूप से हुई हो। अकाल मृत्यु वालों का इस दिन वर्जित — उनका चतुर्दशी को। मातामह (नाना-नानी) श्राद्ध भी इसी दिन।

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जीवन एवं मृत्यु

सपिंडीकरण क्या है?

सपिंडीकरण = मृत्यु के एक वर्ष बाद किया जाने वाला वह श्राद्ध जिसमें 'प्रेत' के पिंड को तीन पितरों के पिंड में मिलाकर उसे 'पितर' की श्रेणी में सम्मिलित किया जाता है। यह प्रेतत्व से मुक्ति का अंतिम और निर्णायक संस्कार है।

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अंत्येष्टि संस्कार

वार्षिक श्राद्ध की तिथि कैसे निर्धारित करें

मृत्यु की हिंदू तिथि (पंचांग अनुसार) = वार्षिक श्राद्ध तिथि। तिथि न याद हो → सर्वपितृ अमावस्या (पितृपक्ष अंतिम दिन) = सबके लिए मान्य। विधि: तिल-जल तर्पण + ब्राह्मण/गरीब भोज + दान + कौवा भोजन। हिंदू तिथि, अंग्रेजी तारीख नहीं।

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श्राद्ध कर्म

वार्षिक श्राद्ध कैसे करें

वार्षिक श्राद्ध: मृत्यु तिथि पर प्रतिवर्ष, कुतप काल में। विधि: संकल्प → तिल-जल तर्पण (पितृतीर्थ से) → पिण्डदान (चावल+तिल+जौ+घी) → ब्राह्मण भोजन (विषम संख्या) → दक्षिणा → कौवे-गाय-कुत्ते को भोजन → परिवार भोजन। दक्षिण दिशा मुख। पुत्र/पौत्र करे। सरल: तर्पण + गाय को रोटी + दान।

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