लोक वर्णनदेव लोक, ब्रह्म लोक, विष्णु लोक में क्या अंतर?देवलोक (स्वर्ग) = इंद्र, अस्थायी (पुण्य क्षीण→वापसी)। ब्रह्मलोक (सत्यलोक) = ब्रह्मा, दीर्घकालिक (प्रलय तक)। विष्णुलोक (वैकुंठ) = विष्णु, शाश्वत (मोक्ष — वापसी नहीं)। गीता (15.6): 'यद्गत्वा न निवर्तन्ते' = वैकुंठ।#देवलोक#ब्रह्मलोक#विष्णुलोक
लोकवैकुण्ठ को परम धाम क्यों कहते हैं?क्योंकि वैकुण्ठ नारायण का सर्वोच्च शाश्वत धाम है।#परम धाम#वैकुण्ठ#विष्णुलोक
लोकगरुड़ पुराण में त्रयोदशी श्राद्ध क्या बताता है?मघा त्रयोदशी श्रेष्ठ पितृ मुक्ति काल है।#गरुड़ पुराण#त्रयोदशी#विष्णुलोक
लोकत्रयोदशी श्राद्ध से विष्णुलोक मिलता है क्या?हाँ, पितरों को विष्णुलोक गति बताई गई है।#विष्णुलोक#गरुड़ पुराण#त्रयोदशी
लोकत्रयोदशी श्राद्ध से पितरों को क्या मिलता है?तृप्ति, शांति और विष्णुलोक गति।#पितृ तृप्ति#विष्णुलोक#त्रयोदशी