मंत्र और स्तोत्रतुलसी गायत्री मंत्र क्या है?तुलसी गायत्री मंत्र: 'ॐ श्री तुलस्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्।' अर्थ: तुलसी को जानें, विष्णुप्रिया का ध्यान करें, हे वृंदा हमें प्रेरणा दें। यथाशक्ति जप से वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।#तुलसी गायत्री मंत्र#विष्णुप्रिया#वृंदा
नियम और निषेधशिव जी पर तुलसी क्यों नहीं चढ़ाई जाती?पौराणिक कथा के अनुसार तुलसी के पति का वध शिव जी ने किया था, इसलिए शिव पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित है।#तुलसी निषेध#वृंदा
शिव पूजा नियमशिवलिंग पर तुलसी क्यों नहीं चढ़ाई जाती, शिव पुराण में क्या प्रमाण है?शिव पुराण/पद्म पुराण: तुलसी पूर्वजन्म में वृंदा थी — जालंधर (राक्षस) की पत्नी। शिव ने जालंधर वध किया, वृंदा ने शिव को दोषी ठहराया। वृंदा के आत्मदाह से तुलसी उत्पन्न। तुलसी विष्णु-प्रिया, शिव पूजा में वर्जित। भिन्न मत: ब्रह्म पुराण और निर्णयसिंधु में तुलसी-शिव निषेध स्पष्ट नहीं — विवादित विषय।#तुलसी#शिवलिंग#वृंदा