तीर्थ एवं धामतिरुपति बालाजी में बाल क्यों चढ़ाते हैं?तिरुपति में बाल इसलिए चढ़ाते हैं क्योंकि एक बार भगवान वेंकटेश्वर के सिर पर चोट लगी और बाल झड़ गए। तब उनकी माता नीला देवी ने अपने बाल काटकर भगवान को दिए — उनकी चोट ठीक हो गई। तब से जो भक्त बाल दान करे, उसकी मनोकामना पूर्ण होती है।#तिरुपति बालाजी#बाल दान#वेंकटेश्वर
तीर्थ यात्रातिरुपति बालाजी दर्शन नियम विधिTTD ऑनलाइन बुकिंग। सर्वदर्शन (निःशुल्क)/₹300 स्पेशल। केश दान परंपरा। लड्डू प्रसाद। तिरुपति→तिरुमला 22km।#तिरुपति#बालाजी#वेंकटेश्वर
प्रसिद्ध मंदिरतिरुपति बालाजी मंदिर में बाल दान की परंपरा का क्या अर्थ है?बाल दान अर्थ: अहंकार त्याग + कर्म-बंधन मुक्ति + नया जीवन। पौराणिक कथा: ग्वालिन ने भगवान के सिर पर बाल लगाए — भगवान ने वरदान दिया। 600+ नाई, प्रतिदिन 50,000+ श्रद्धालु। अर्पित बाल विग उद्योग में — TTD की आय। पूर्णतः स्वैच्छिक — अनिवार्य नहीं।#तिरुपति#मुंडन#बाल दान