मरणोपरांत आत्मा यात्राशवदाह में पुत्र या कर्ता किस दिशा में मुख करके क्रिया करता है?शवदाह में पुत्र या कर्ता पूर्व दिशा की ओर मुख करके क्रिया करता है।#शवदाह#कर्ता#पूर्व दिशा
मरणोपरांत आत्मा यात्राशवदाह के समय शव का सिर किस दिशा में रखना चाहिए?शवदाह के समय शव का सिर उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए।#शवदाह#दिशा#उत्तर दिशा
मरणोपरांत आत्मा यात्राशव अग्निदाह योग्य कब माना जाता है?छः प्रारंभिक पिण्ड देने के बाद शव अग्निदाह योग्य माना जाता है।#शवदाह#अग्निदाह#छः पिण्ड
मरणोपरांत आत्मा यात्रामृत्यु के दिन छः पिण्ड क्यों दिए जाते हैं?छः पिण्ड आत्मा की शांति, शव की शुद्धि और अग्निदाह की योग्यता के लिए दिए जाते हैं।#छः पिण्ड#षट्पिण्ड विधान#शवदाह