तत्पुरुष फलमहादेव में प्रविष्ट होने का क्या अर्थ बताया गया है?महादेव में प्रविष्ट होना पापमुक्त, शुद्धात्मा और ब्रह्मतेजसम्पन्न होकर पुनर्भव के बंधन से छूटने से जुड़ा है।#महादेव में प्रविष्ट#पुनर्भव मुक्ति#शिवप्राप्ति
तत्पुरुष फलध्यान और इन्द्रिय संयम से पाप कैसे दूर होते हैं?नियतात्मा, ध्यानपरायण और जितेन्द्रिय होकर महेश्वर की शरण लेने से सभी पाप दूर होते हैं।#ध्यान#इन्द्रिय संयम#जितेन्द्रिय
तत्पुरुष फलमहेश्वर की शरण लेने से क्या फल मिलता है?नियतात्मा, ध्यानपरायण और जितेन्द्रिय होकर महेश्वर की शरण लेने वाले पापों से मुक्त होकर महादेव में प्रविष्ट होते हैं।#महेश्वर शरण#पाप मुक्ति#शुद्धात्मा