ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

सत्व रज तम से जुड़े सभी प्रश्न(3)

सत्व रज तम पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 3 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

भुवर्लोक में रहने वाली आत्माओं की त्रिगुणात्मक स्थिति क्या होती है?

ऊपरी भुवर्लोक के सिद्धादि रजो-सात्त्विक हैं जबकि निचले भुवर्लोक के प्रेतादि तमोगुण प्रधान हैं। दोनों ही पूर्णतः सत्वगुणी न होने से मोक्ष नहीं पाते।

#त्रिगुण#भुवर्लोक#सत्व रज तम
शिव प्रतीक

शिव के त्रिशूल के तीन शूलों का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?

शिव पुराण: सृष्टि आरंभ में सत्व-रज-तम से त्रिशूल बना। विष्णु पुराण: विश्वकर्मा ने सूर्यांश से निर्माण किया। 7 अर्थ: त्रिगुण, त्रिकाल, त्रिदेव, त्रिलोक, तीन कष्ट (आधिदैविक-आधिभौतिक-आध्यात्मिक), तीन नाड़ियां (इड़ा-पिंगला-सुषुम्ना), पवित्रता।

#त्रिशूल#तीन शूल#सत्व रज तम
शिव अस्त्र-शस्त्र

त्रिशूल के तीन बिंदुओं का क्या अर्थ है शिव पुराण में

त्रिशूल के तीन शूल — तीन गुण (सत-रज-तम), तीन काल (भूत-भविष्य-वर्तमान), तीन ताप (दैहिक-दैविक-भौतिक) और तीन लोकों के अधिपति शिव की सर्वशक्तिमता के प्रतीक हैं।

#त्रिशूल प्रतीक#तीन शूल अर्थ#सत्व रज तम
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।