हिंदू दर्शनसर्वे भवन्तु सुखिनः श्लोक का अर्थ और महत्वसर्वे भवन्तु सुखिनः = सभी सुखी हों, निरोग हों, शुभ देखें, कोई दुःखी न हो। 'सर्वे' = कोई भेद नहीं — सार्वभौमिक प्रार्थना। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' भावना। चार स्तरीय कल्याण: मानसिक सुख, शारीरिक स्वास्थ्य, सौभाग्य, दुःख मुक्ति।#सर्वे भवन्तु सुखिनः#शांति मंत्र#प्रार्थना