व्रत विधिबरगद पेड़ की पूजा — वट सावित्री व्रत में?वट सावित्री=ज्येष्ठ अमावस्या(पति दीर्घायु)। बरगद पर जल+दूध+रोली→मौली बांधें→7 परिक्रमा→कथा सुनें→व्रत। सावित्री ने यमराज से पति प्राण वापस लिए। बरगद=अमरत्व।#वट सावित्री#बरगद#व्रत
स्त्री धर्मबिछिया पहनने का वैज्ञानिक और धार्मिक कारण?धार्मिक: सुहागिन चिह्न, लक्ष्मी प्रतीक। वैज्ञानिक: दूसरी उंगली=गर्भाशय नर्व(Acupressure), मासिक नियमित, रक्त संचार। चांदी ही (सोना वर्जित)। प्रमाण सीमित पर अनुभवजन्य।#बिछिया#वैज्ञानिक#सुहागिन
लोकसुहागिन स्त्री की दुर्घटना में मृत्यु हो तो श्राद्ध कब?अविधवा नवमी को।#सुहागिन#दुर्घटना#अविधवा नवमी
लोकअविधवा नवमी किसके लिए होती है?पति से पहले दिवंगत सुहागिन स्त्रियों के लिए।#अविधवा नवमी#सुहागिन#पत्नी श्राद्ध
विशेष मृत्यु श्राद्धमातृ नवमी किसे कहते हैं?मातृ नवमी = अविधवा नवमी का दूसरा नाम। पितृ पक्ष की वह नवमी तिथि जब सुहागिन (पति के जीवित रहते मृत) स्त्रियों — विशेषतः माताओं — का श्राद्ध किया जाता है। 'मातृ' = माता, माताओं को विशेष सम्मान देने वाला नाम।#मातृ नवमी#अविधवा नवमी#माता श्राद्ध