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स्वस्तिक से जुड़े सभी प्रश्न(4)

स्वस्तिक पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 4 प्रश्न उपलब्ध हैं।

पुस्तक और वाद्य पूजन

वसंत पंचमी पर पुस्तक पूजन कैसे करते हैं?

पुस्तक पूजन: पीले वस्त्र पर पुस्तकें, कलम और वाद्य यंत्र रखें। पुस्तकों पर लाल चंदन/रोली से स्वस्तिक बनाएं। कलम पर मौली बांधें। फिर अक्षत, पुष्प, धूप, दीप से पूजन और आरती करें। ये उपकरण = देवी सरस्वती की अभिव्यक्ति का माध्यम।

#पुस्तक पूजन#वाद्य यंत्र#स्वस्तिक
पूजन विधि

गाड़ी पर स्वस्तिक क्यों बनाते हैं?

स्वस्तिक = 'सु + अस्ति' = शुभ हो/कल्याण हो। चार भुजाएं = चार दिशाएं; केंद्र = ब्रह्म; चार बिंदु = धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष। बोनट पर रोली-सिंदूर से बनाएं। ऊपर 'ॐ', बगल में 'शुभ-लाभ' लिखें। चारों दिशाओं से दैवीय सुरक्षा।

#स्वस्तिक#चार दिशाएं#ब्रह्म
वास्तु शास्त्र

घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक लगाने का क्या लाभ है

मुख्य द्वार पर स्वस्तिक लगाने से शुभ ऊर्जा का प्रवेश, विघ्न निवारण, लक्ष्मी आगमन और दृष्टि दोष से रक्षा होती है। कुमकुम/हल्दी से या तांबे का स्वस्तिक द्वार के दोनों ओर लगाएं। यह गणेश जी और कल्याण का प्रतीक है।

#स्वस्तिक#मुख्य द्वार#शुभ चिह्न
मंदिर ज्ञान

मंदिर के द्वार पर स्वस्तिक का चिन्ह क्यों बनाते हैं?

'शुभ करने वाला'। 4 दिशा, 4 वेद, 4 पुरुषार्थ, गणेश प्रतीक। रक्षा (नकारात्मक प्रवेश नहीं)। ऊर्जा attract। लाल (कुमकुम) = शक्ति। हर शुभ कार्य।

#स्वस्तिक#चिन्ह#द्वार
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