भक्ति रसभक्ति में रोमांच अश्रु कंपन स्वेद विवर्णता स्वरभंग स्तंभ प्रलय क्या हैं?अष्ट सात्विक भाव: (1) स्तम्भ (जड़) (2) स्वेद (पसीना) (3) रोमांच (रोम खड़े) (4) स्वरभंग (गला रुँधना) (5) कम्प (काँपना) (6) विवर्णता (रंग बदलना) (7) अश्रु (आँसू) (8) प्रलय (मूर्छा)। भक्ति गहराई प्रमाण। चैतन्य/मीरा/हनुमान। स्वतःस्फूर्त=सच्चे, जबरदस्ती=नकली।#अष्ट सात्विक भाव#रोमांच#अश्रु
लोकसुतल लोक में शरीर से दुर्गंध क्यों नहीं आती?सुतल लोक में दिव्य रसायनों के प्रभाव से पसीने में दुर्गंध नहीं होती।
लोकतलातल के निवासियों को पसीना क्यों नहीं आता?तलातल के स्थिर, सुखद और तपोबल-रचित वातावरण में निवासियों को पसीना नहीं आता।#तलातल निवासी#पसीना#स्वेद
भक्ति रसभक्ति में रोमांच अश्रु कंपन स्वेद विवर्णता स्वरभंग स्तंभ प्रलय क्या हैं?अष्ट सात्विक भाव: (1) स्तम्भ (जड़) (2) स्वेद (पसीना) (3) रोमांच (रोम खड़े) (4) स्वरभंग (गला रुँधना) (5) कम्प (काँपना) (6) विवर्णता (रंग बदलना) (7) अश्रु (आँसू) (8) प्रलय (मूर्छा)। भक्ति गहराई प्रमाण। चैतन्य/मीरा/हनुमान। स्वतःस्फूर्त=सच्चे, जबरदस्ती=नकली।#अष्ट सात्विक भाव#रोमांच#अश्रु