भक्ति एवं आध्यात्मगणेश जी की कथा से जीवन में क्या शिक्षा मिलती हैगणेश-कथाओं की शिक्षाएँ — परिक्रमा-प्रसंग: बुद्धि बल से श्रेष्ठ है; महाभारत-लेखन: बड़े काम में एकाग्र समर्पण अनिवार्य है; प्रथम पूज्यता: हर कार्य में बुद्धि का आह्वान पहले करो; और नम्रता: महाज्ञान के साथ सरलता होनी चाहिए।#गणेश जीवन शिक्षा#बुद्धि बल#प्रथम पूज्य
गणेश पूजागणेश जी की पूजा से विघ्न कैसे दूर होते हैं?गणेश = विघ्नहर्ता + विघ्नेश्वर। शिव पुराण: प्रथम पूज्य वरदान — बिना गणेश पूजा कार्य अशुभ। अथर्वशीर्ष: 'ध्यान से सर्व विघ्न मुक्ति, महाविघ्न से भी।' विघ्न अधिपति: पूजा = विघ्न हटाएं, उपेक्षा = विघ्न आएं। उपाय: 108 जप, दूर्वा, मोदक, बुधवार/चतुर्थी पूजन।#विघ्नहर्ता#विघ्न नाश#गणेश
मंदिर वास्तुमंदिर में गणपति प्रतिमा सबसे पहले क्यों स्थापित की जाती है?कारण: (1) ऋग्वेद: 'गणानां त्वा गणपतिं हवामहे' = प्रथम आवाहनीय (2) विघ्नहर्ता — प्रारम्भ में पूजन = विघ्न पूर्व-निवारण (3) शिवपुराण कथा — माता-पिता प्रदक्षिणा = प्रथम पूज्य वरदान। स्थान: प्रवेश द्वार पर/अलग मंडप। सर्वत्र: निर्माण, प्राण प्रतिष्ठा, विवाह, हवन, पत्र — सब में पहले।#गणपति#प्रथम पूज्य#विघ्नहर्ता
गणेश कथागणेश और कार्तिकेय में पृथ्वी परिक्रमा की प्रतिस्पर्धा क्या थी?भगवान शिव ने ब्रह्मांड परिक्रमा की प्रतियोगिता रखी। कार्तिकेय मोर पर निकल पड़े, जबकि गणेश जी ने माता-पिता की सात परिक्रमा कर कहा — 'माता-पिता ही ब्रह्मांड हैं।' इस बुद्धि से गणेश जी प्रथम पूज्य घोषित हुए।#गणेश कार्तिकेय#पृथ्वी परिक्रमा#माता-पिता परिक्रमा