शिव भक्त कथामार्कंडेय ऋषि को शिव ने मृत्यु से कैसे बचायामार्कंडेय ऋषि की 16 वर्ष आयु थी। शिवलिंग से लिपटकर महामृत्युंजय मंत्र का जप करते हुए यम को चुनौती दी। शिव प्रकट हुए, यम को भगाया और मार्कंडेय को अमरता का वरदान दिया। इसीलिए शिव 'कालांतक' कहलाते हैं।#मार्कंडेय#16 वर्ष#महामृत्युंजय मंत्र
स्तोत्र के रचयिता और उत्पत्तिमार्कण्डेय ऋषि को कितने वर्ष की आयु मिली थी?मार्कण्डेय ऋषि को मात्र 16 वर्ष की आयु मिली थी — परन्तु शिव भक्ति के कारण शिव ने उन्हें यमराज से बचाकर चिरंजीवी होने का वरदान दिया।#मार्कण्डेय आयु
ज्योतिष उपायगुरु महादशा में कौन से शुभ कार्य करें?16 वर्ष(सबसे शुभ ग्रह)। शुभ कार्य: विवाह, संतान, उच्च शिक्षा, तीर्थ, गुरु दीक्षा, व्यापार विस्तार, दान-पुण्य, ज्ञान प्रसार। अशुभ उपाय: 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं' 108, पुखराज, गुरुवार व्रत+केला दान, सत्यनारायण, विष्णु सहस्रनाम। ज्ञान+दान+धर्म=गुरु प्रसन्न।#गुरु#बृहस्पति#महादशा