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क्या है

राहु क्या है?(7)

राहु का अर्थराहु क्या है?राहु का महत्व
सरल उत्तर

राहु अतृप्त इच्छाओं (वासना), भ्रम और भविष्य की असीमित भौतिक आकांक्षाओं का प्रतीक है।

स्रोत प्रश्न: राहु का आध्यात्मिक अर्थ क्या है? →
लोक

कीर्तिमुख कौन है?

कीर्तिमुख शिव के क्रोध से प्रकट आज्ञाकारी शिवगण है।

#कीर्तिमुख#शिव गण#राहु
कालसर्प दोष: परिचय और कारण

राहु का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?

राहु अतृप्त इच्छाओं (वासना), भ्रम और भविष्य की असीमित भौतिक आकांक्षाओं का प्रतीक है।

#राहु#आध्यात्मिक अर्थ#वासना
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग

८ मुखी रुद्राक्ष का देवता और मंत्र क्या है?

८ मुखी रुद्राक्ष भैरव स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ हुं नमः' है और यह पूर्णायु प्रदान करता है।

#8 मुखी#भैरव#राहु
पंचांग एवं ज्योतिष

शतभिषा नक्षत्र क्या होता है?

शतभिषा 27 नक्षत्रों में 24वाँ। कुंभ 6°40'–20°। स्वामी राहु, देवता वरुण। प्रतीक खाली वृत्त। चिकित्सा-अनुसंधान के लिए अनुकूल। जन्म में स्वतंत्र विचारक, रहस्यप्रिय, उपचारकर्ता।

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पंचांग एवं ज्योतिष

स्वाति नक्षत्र क्या होता है?

स्वाति 27 नक्षत्रों में पंचदश। तुला 6°40'–20°। स्वामी राहु, देवता वायु। प्रतीक उड़ता तिनका। व्यापार-साझेदारी के लिए शुभ। जन्म में स्वतंत्र, अनुकूलनशील, व्यापारकुशल, कूटनीतिक।

#स्वाति नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

आर्द्रा नक्षत्र क्या होता है?

आर्द्रा 27 नक्षत्रों में षष्ठ। मिथुन 6°40'–20°। स्वामी राहु, देवता रुद्र। प्रतीक आँसू-बूँद। चिकित्सा-शत्रु-नाश के लिए अनुकूल। जन्म में बुद्धिमान, भावुक, तकनीकी-प्रवण।

#आर्द्रा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
शिव पूजा विधि

शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाने का तांत्रिक और पौराणिक महत्व क्या है?

पौराणिक: समुद्र मंथन — विष शांत करने हेतु शिव को धतूरा अर्पित। विष ही विष काटता है। प्रकृति पूजा — त्याज्य वस्तु भी शिव-प्रिय। तांत्रिक: राहु-केतु दोष शांति। शत्रु नाश, बाधा निवारण। तमोगुण का शिव को समर्पण। फल और सफेद फूल दोनों अर्पित करें। स्वयं सेवन कभी न करें — विषैला है।

#धतूरा#शिवलिंग#समुद्र मंथन
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अन्य शब्दों के क्या है

सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के क्या है।

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