शिव साधनाशिव यंत्र स्थापित करने की विधि क्या है?सोमवार/शिवरात्रि। गंगाजल शुद्धि → 108 मंत्र जप → लाल/सफेद वस्त्र पर स्थापन → चंदन-अक्षत-फूल → दीपक-आरती। उत्तर/पूर्व दिशा। प्रतिदिन जल छिड़कें + दीपक + जप। खंडित हो तो विसर्जन।#शिव यंत्र#स्थापना#विधि
शिव पूजा विधिशिवलिंग पर भांग चढ़ाने का तांत्रिक महत्व क्या है?पौराणिक: समुद्र मंथन के बाद विष ताप शांत करने हेतु शिव को भांग अर्पित (शिव पुराण)। तांत्रिक: भांग = 'विजया' — मन के विकारों पर विजय का प्रतीक। चेतना का रूपांतरण — नकारात्मकता शिव को समर्पित। त्याज्य वस्तुओं का समर्पण = शिव की सर्वव्यापकता। सावन/शिवरात्रि पर विशेष फलदायी। भांग सेवन नहीं, समर्पण का अर्थ है।#भांग#विजया#शिवलिंग
स्तोत्र पाठ विधि और नियमन्यास क्या होता है?न्यास वह विधि है जिसमें स्तोत्र के ऋषि, छंद, देवता, बीज और शक्ति को शरीर के विभिन्न अंगों पर स्थापित किया जाता है — यह मंत्र की उग्र ऊर्जा को धारण करने के लिए अनिवार्य है।#न्यास#ऋष्यादि न्यास#शरीर शुद्धि
श्री रुद्र-कवच-संहितापौराणिक कवच और तांत्रिक कवच में मुख्य भेद क्या है?पौराणिक कवच सात्त्विक और सार्वजनिक हैं, जबकि तांत्रिक कवच गुप्त और बीज-मंत्रों से युक्त होते हैं।#पौराणिक#तांत्रिक#भेद
तंत्र साधनातंत्र में होम और हवन की विशेष विधि क्या है?कुंड: त्रिकोण(शक्ति)/वर्ग(शिव)/गोल(विष्णु)। देवता अनुसार सामग्री। मंत्र+'स्वाहा'+घी। दशांश (जप÷10)। पूर्णाहुति (नारियल)। अग्नि=देवमुख। तांत्रिक: यंत्र समक्ष, बीज, रात्रि।#होम#हवन#तांत्रिक
शिव पूजा विधिशिवलिंग पर धतूरा चढ़ाने का तांत्रिक और पौराणिक महत्व क्या है?पौराणिक: समुद्र मंथन — विष शांत करने हेतु शिव को धतूरा अर्पित। विष ही विष काटता है। प्रकृति पूजा — त्याज्य वस्तु भी शिव-प्रिय। तांत्रिक: राहु-केतु दोष शांति। शत्रु नाश, बाधा निवारण। तमोगुण का शिव को समर्पण। फल और सफेद फूल दोनों अर्पित करें। स्वयं सेवन कभी न करें — विषैला है।#धतूरा#शिवलिंग#समुद्र मंथन
तंत्र साधनातंत्र में चक्र पूजा (तांत्रिक विधि) क्या है और कैसे करें?सामूहिक वृत्ताकार पूजा। भैरवी/योगिनी/वीर चक्र। सात्विक: वृत्त+गुरु+यंत्र+सामूहिक जप। वाम: गोपनीय, गुरु अनिवार्य, सामान्य=कभी नहीं। विधि अनुचित।#चक्र पूजा#तांत्रिक#विधि