गीता में भक्ति का महत्व क्या है?
#भक्ति#गीता#अध्याय 12
गीता (11/54) के अनुसार अनन्य भक्ति से ही ईश्वर को तत्त्व से जाना और देखा जा सकता है। अध्याय 12 (भक्तियोग) में श्रद्धापूर्वक उपासना करने वाले को सर्वोत्तम योगी कहा गया है। भक्ति सबसे सुगम और श्रेष्ठ मार्ग है।
स्रोत प्रश्न: गीता में भक्ति का महत्व क्या है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के महत्व।
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