वेदों में कर्म का महत्व क्या है?
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वेदों में कर्म केन्द्रीय है। यजुर्वेद (40/2) कहता है — कर्म करते हुए जियो। यज्ञ-कर्म सर्वोत्तम है। शुभ कर्म से स्वर्ग — यह वैदिक कर्मफल-सिद्धांत है। निष्काम कर्म + ज्ञान = मोक्ष — यही वेदांत का निष्कर्ष है।
स्रोत प्रश्न: वेदों में कर्म का महत्व क्या है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के महत्व।
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