वेदों में प्रकृति का महत्व क्या है?
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वेदों में प्रकृति देव-स्वरूप है। अथर्ववेद (12/1) का पृथ्वी सूक्त — 'माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः' — पृथ्वी को माता मानता है। ऋग्वेद में जल, वायु, सूर्य की स्तुति है। 'ऋत' की रक्षा वैदिक पर्यावरण-दर्शन का मूल है।
स्रोत प्रश्न: वेदों में प्रकृति का महत्व क्या है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के महत्व।
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