प्रलयमहाप्रलय में क्या होता है?महाप्रलय में सम्पूर्ण सृष्टि का लय हो जाता है और शिव की आज्ञा से प्रलय का भी प्रलय होता है।#महाप्रलय#सृष्टि लय#शिव आज्ञा
प्रकृति तत्त्वअजा प्रकृति क्या है?अजा प्रकृति विश्व को धारण करनेवाली शैवी शक्ति है, जो बहुविध प्रजाओं की उत्पत्ति करती है।#अजा#प्रकृति#शैवी शक्ति
प्रकृति तत्त्वशिव और प्रकृति का संबंध क्या है?निर्गुण शिव प्रकृति के मूल कारण हैं और शिव की दृष्टि से प्रकृति शैवी कही गई है।#शिव#प्रकृति#शैवी शक्ति
शिव तत्त्वलिंग तत्त्व क्या है?लिंग तत्त्व प्रधान प्रकृति है, जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध आदि से संयुक्त बताई गई है।#लिंग तत्त्व#प्रकृति#प्रधान
लोकप्रकृति की साम्यावस्था क्या है?तीनों गुणों का शांत संतुलन प्रकृति की साम्यावस्था कहलाता है।#प्रकृति#साम्यावस्था#त्रिगुण
लोकलक्ष्मी जी और प्रकृति का संबंध क्या है?लक्ष्मी जी धन के साथ प्रकृति, उर्वरता और शुभता से जुड़ी हैं।#लक्ष्मी#प्रकृति#उर्वरता
लोकपुरुष जड़ हो जाए तो क्या होता है?पुरुष की जड़ता से सृष्टि का स्पंदन रुक जाता है।#पुरुष#प्रकृति#स्पंदन
लोकपुरुष और प्रकृति का संबंध क्या है?पुरुष चेतना है और प्रकृति गति देने वाली ऊर्जा है।#पुरुष#प्रकृति#सांख्य
लोकप्राकृतिक प्रलय क्या है?प्राकृतिक प्रलय संपूर्ण ब्रह्मांड का मूल प्रकृति में विलय है।#प्राकृतिक प्रलय#महाप्रलय#प्रकृति
वेद ज्ञानवेदों में प्रकृति का महत्व क्या है?वेदों में प्रकृति देव-स्वरूप है। अथर्ववेद (12/1) का पृथ्वी सूक्त — 'माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः' — पृथ्वी को माता मानता है। ऋग्वेद में जल, वायु, सूर्य की स्तुति है। 'ऋत' की रक्षा वैदिक पर्यावरण-दर्शन का मूल है।#प्रकृति#वेद#पृथ्वी