ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
26°47'32"N · 82°11'59"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
गुरुवार — पञ्चाङ्ग गणना

22.5मई 2014

गुरुवार · 22 मई 2014
गुरु वार·कृष्ण पक्ष·ज्येष्ठ मास·संवत् 2071 प्लवंग
अयोध्या
उत्तर प्रदेश
26°47'32"N  82°11'59"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
अष्टमीकृष्ण पक्ष
05:27 तक
ii.
नक्षत्र
शतभिषा2 पाद
17:51 तक
iii.
योग
वैधृतिअशुभ
22:15 तक
iv.
करण
कौलव
05:27 तक
v.
वार
गुरुवारगुरु स्वामी
सूर्योदय 05:11

सूर्य आर्क

दिनमान · 13 घण्टे 35 मिनट
05:11सूर्योदय18:45सूर्यास्त11:58
अरुणोदय
03:35
मध्याह्न
11:58
दिनमान
13:35
प्रातः सन्धि
04:08

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 10 घण्टे 25 मिनट
01:19, 23 मईचन्द्रोदय12:33चन्द्रास्तकला ~45%
रात्रिमान
10:25
निशीथ
23:37
गोधूलि
18:43
कला
45%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:31 — 12:25
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
03:47 — 04:29
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
14:14 — 15:08
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
18:43 — 19:06
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:37 — 00:19
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:08 — 05:11
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
18:45 — 19:48
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
11:01 — 12:32
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
13:40 — 15:22
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — श्रीवत्सशुभ
17:51 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
13:40 — 15:22
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
05:11 — 06:52
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
08:34 — 10:16
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
00:01 — 01:34
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकसक्रिय
सक्रिय
गण्डमूलअनुपस्थित
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृत
वर्तमान
.
शुभ
05:11 — 06:52
दिन05:1118:45
1शुभबृहस्पति05:1106:52
2रोगमंगल06:5208:34
3उद्वेगसूर्य08:3410:16
4चरशुक्र10:1611:58
5लाभबुध11:5813:40
6अमृतचंद्र13:4015:22
7कालशनि15:2217:03
8शुभबृहस्पति17:0318:45
रात्रि18:45 → अगला सूर्योदय
1अमृतचंद्र18:4520:03
2चरशुक्र20:0321:22
3रोगमंगल21:2222:40
4कालशनि22:4023:58
5लाभबुध23:5801:16
6उद्वेगसूर्य01:1602:34
7शुभबृहस्पति02:3403:52
8अमृतचंद्र03:5205:10
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
गुरु
05:11 — 06:19
iगुरु05:11
iiमङ्गल06:19
iiiसूर्य07:26
ivशुक्र08:34
vबुध09:42
viचन्द्र10:50
viiशनि11:58
viiiगुरु13:06
ixमङ्गल14:14
xसूर्य15:22
xiशुक्र16:29
xiiबुध17:37
xiiiचन्द्र18:45
xivशनि19:37
xvगुरु20:29
xviमङ्गल21:22
xviiसूर्य22:14
xviiiशुक्र23:06
xixबुध23:58
xxचन्द्र00:50
xxiशनि01:42
xxiiगुरु02:34
xxiiiमङ्गल03:26
xxivसूर्य04:18
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iवृष05:1006:47
iiमिथुन06:4709:01
iiiकर्क09:0111:20
ivसिंह11:2013:35
vकन्या13:3515:49
viतुला15:4918:07
viiवृश्चिक18:0720:25
viiiधनु20:2522:29
ixमकर22:2900:13
xकुम्भ00:1301:43
xiमीन01:4303:09
xiiमेष03:0904:46
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:1006:47
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
वृष · i
06:4709:01
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · ii
09:0111:20
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कर्क · iii
11:2013:35
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
सिंह · iv
13:3515:49
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
कन्या · v
15:4918:07
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
तुला · vi
18:0720:25
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
वृश्चिक · vii
20:2522:29
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
धनु · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
श्रीवत्स
परिवर्तन17:51
अगला योग
वज्र
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमआकाश
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
दक्षिण
दिशा-शूल
दक्षिण
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
दक्षिण
नक्षत्रानुसार
राहु वास
उत्तर
तिथि-आधारित
अग्नि वास
आकाश
अशुभ
भद्रा वास
भूमि
त्याज्य
शिव वास
गौरी
शुभ
चन्द्र वास
पश्चिम
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
मृत्यु
त्याज्य
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषवृषसिंहकन्याधनुकुम्भ
⊝ अष्टम चन्द्र · कर्क राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
वृषभ
समस्त दिवस
नक्षत्र
कृत्तिका
4 पाद
देशान्तर
36°45'53"
36.76° सायन
गति
0.9617°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
कुम्भ
चन्द्र राशि
नक्षत्र
शतभिषा
2 पाद
गति
13.9442°
प्रति दिवस
देशान्तर
312°36'42"
312.61° सायन
कला — क्षयक्रम
45%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण अष्टमी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
ज्येष्ठ
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
वैशाख
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
8
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
ग्रीष्म
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2071
प्लवंग
शक संवत्
1936
जय
गुजराती संवत्
2070
विश्वावसु
कलियुग वर्ष
5,115
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,68,334
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°03'53"
24.064797°
जूलियन दिवस
24,56,799
JD
संशोधित JD
56,799
MJD
जूलियन (पुरातन)
9 मई
2014
राष्ट्रीय सिविल
ज्येष्ठ 1
शक 1936
राष्ट्रीय निरयन
वैशाख 8
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,35,375
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
गुरु
राजा
गुरु
मन्त्री
शुक्र
सेनाधिपति
शनि
मेघाधिपति
सूर्य
सस्याधिपति
चन्द्र
धान्याधिपति
मङ्गल
फलाधिपति
बुध
रसाधिपति
शुक्र
धनाधिपति
गुरु
निरसाधिपति
शनि
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण अष्टमी
05:27
अगला
कृष्ण नवमी
03:38
+ २
कृष्ण दशमी

नक्षत्र

अब
शतभिषा
17:51
अगला
पूर्वभाद्रपद
16:58
+ २
उत्तरभाद्रपद

योग

अब
वैधृति
22:15
अगला
विष्कम्भ
19:55
+ २
प्रीति

करण

अब
कौलव
05:27
अगला
तैतिल
16:30
+ २
गर
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°03'53"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्