ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवीपाटन, उत्तर प्रदेश

देवीपाटन — पंचांग

11 नवंबर 2027, गुरुवार

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
15:09
चंद्रास्त
03:25
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नवंबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल द्वादशी
10:08 तक
अगली: शुक्ल त्रयोदशी
प्रगति85%
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद (4 पाद)
07:01 तक
अगली: रेवती
स्वामी: शनि
योग
वज्र
22:56 तक
अगला: सिद्धि
अशुभ
करण
बालव
10:08 तक
अगला: कौलव
शुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल द्वादशी· 10:08 तक
शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद · पद 4· 07:01 तक
रेवती
योग
वज्र· 22:56 तक
सिद्धि
करण
बालव· 10:08 तक
कौलव
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशितुला
नक्षत्रविशाखा
पद2
देशांतर204°09'13"
चन्द्रमा
राशिमीन
नक्षत्रउत्तरभाद्रपद
पद4
देशांतर346°17'52"

राशि

चंद्र राशि
मीन
सूर्य राशि
तुला

देवीपाटन — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 — 05:32
प्रातः सन्ध्या
05:32 — 07:08
सूर्योदय
06:20
अभिजित मुहूर्त
11:24 — 12:08
अमृत कालविशेष
13:08 — 14:29
विजय मुहूर्त
15:02 — 15:46
गोधूलि मुहूर्त
16:49 — 17:37
सूर्यास्त
17:13
सायाह्न सन्ध्या
17:16 — 18:25
निशिता मुहूर्त
23:22 — 00:10
राहु काल
13:08 — 14:29
यमगंड काल
06:20 — 07:41
गुलिक काल
09:03 — 10:25
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:05 — 11:46
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:51 — 16:32
चंद्रोदय
15:09
चंद्रास्त
03:25
मध्याह्न
11:46

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
कार्तिक
चन्द्र माह (अमान्त)
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2083

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
उत्तरभाद्रपद
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
अहिर्बुध्न्य
सूर्य नक्षत्र
विशाखा
पद 2स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 53 मिनट 08 सेकण्ड
27 घटी 13 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 06 मिनट 52 सेकण्ड
32 घटी 47 पल
मध्याह्न (सौर)
11:46
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 11 नवंबर 2027, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2007:41
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
07:4109:03
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
09:0310:25
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:2511:46
चर
यात्रा, वाहन चालन
11:4613:08
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
13:0814:29
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
14:2915:51
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:5117:13
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

17:1318:51
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
18:5120:29
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
20:2922:08
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
22:0823:46
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:4601:25
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
01:2503:03
चर
यात्रा, वाहन चालन
03:0304:41
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
04:4106:20
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

देवीपाटन पंचांग — नवंबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 11 नवंबर 2027, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवीपाटन पंचांग — 11 नवंबर 2027, गुरुवार

देवीपाटन (उत्तर प्रदेश) के लिए 11 नवंबर 2027, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवीपाटन के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवीपाटन में 11 नवंबर 2027, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

देवीपाटन में 11 नवंबर 2027, गुरुवार को सूर्योदय 06:20 बजे और सूर्यास्त 17:13 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवीपाटन में 11 नवंबर 2027, गुरुवार को राहु काल कब है?

देवीपाटन में 11 नवंबर 2027, गुरुवार को राहु काल 13:08 से 14:29 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवीपाटन में 11 नवंबर 2027, गुरुवार को तिथि क्या है?

देवीपाटन में 11 नवंबर 2027, गुरुवार को शुक्ल द्वादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।