ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवीपाटन, उत्तर प्रदेश

देवीपाटन — पंचांग

17 नवंबर 2027, बुधवार

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
20:05
चंद्रास्त
09:33
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नवंबर 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
17 नवंबर 2027, बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण चतुर्थी
01:36 तक
अगली: कृष्ण पंचमी
प्रगति12%
नक्षत्र
आर्द्रा (1 पाद)
03:17 तक
अगली: पुनर्वसु
स्वामी: राहु
योग
सिद्ध
09:47 तक
अगला: साध्य
शुभ
करण
बव
14:40 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण चतुर्थी· 01:36 तक
कृष्ण पंचमी
नक्षत्र
आर्द्रा · पद 1· 03:17 तक
पुनर्वसु
योग
सिद्ध· 09:47 तक
साध्य
करण
बव· 14:40 तक
बालव
वार
बुधवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृश्चिक
नक्षत्रविशाखा
पद4
देशांतर210°11'36"
चन्द्रमा
राशिमिथुन
नक्षत्रआर्द्रा
पद1
देशांतर67°40'08"

राशि

चंद्र राशि
मिथुन
सूर्य राशि
वृश्चिक

देवीपाटन — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 — 05:36
प्रातः सन्ध्या
05:36 — 07:12
सूर्योदय
06:24
अभिजित मुहूर्त
11:26 — 12:09
अमृत कालविशेष
07:45 — 09:06
विजय मुहूर्त
15:01 — 15:44
गोधूलि मुहूर्त
16:46 — 17:34
सूर्यास्त
17:10
सायाह्न सन्ध्या
17:13 — 18:22
निशिता मुहूर्त
23:23 — 00:11
राहु काल
11:47 — 13:08
यमगंड काल
07:45 — 09:06
गुलिक काल
10:26 — 11:47
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:26 — 11:07
चंद्रोदय
20:05
चंद्रास्त
09:33
मध्याह्न
11:47
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
पौष
चन्द्र माह (अमान्त)
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2083

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
आर्द्रा
नक्षत्र स्वामी
राहु
नक्षत्र देवता
रुद्र
सूर्य नक्षत्र
विशाखा
पद 4स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
हेमन्त
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
10 घण्टे 45 मिनट 56 सेकण्ड
26 घटी 55 पल
रात्रिमान
13 घण्टे 14 मिनट 04 सेकण्ड
33 घटी 5 पल
मध्याह्न (सौर)
11:47
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 17 नवंबर 2027, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2407:45
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
07:4509:06
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
09:0610:26
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:2611:47
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
11:4713:08
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
13:0814:29
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
14:2915:49
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:4917:10
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

17:1018:49
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
18:4920:29
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
20:2922:08
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
22:0823:47
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:4701:26
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:2603:06
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
03:0604:45
चर
यात्रा, वाहन चालन
04:4506:24
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

देवीपाटन पंचांग — नवंबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 17 नवंबर 2027, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवीपाटन पंचांग — 17 नवंबर 2027, बुधवार

देवीपाटन (उत्तर प्रदेश) के लिए 17 नवंबर 2027, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवीपाटन के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवीपाटन में 17 नवंबर 2027, बुधवार को सूर्योदय कब है?

देवीपाटन में 17 नवंबर 2027, बुधवार को सूर्योदय 06:24 बजे और सूर्यास्त 17:10 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवीपाटन में 17 नवंबर 2027, बुधवार को राहु काल कब है?

देवीपाटन में 17 नवंबर 2027, बुधवार को राहु काल 11:47 से 13:08 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवीपाटन में 17 नवंबर 2027, बुधवार को तिथि क्या है?

देवीपाटन में 17 नवंबर 2027, बुधवार को कृष्ण चतुर्थी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।