ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवप्रयाग, उत्तराखंड

देवप्रयाग — पंचांग

5 जुलाई 2025, शनिवार

सूर्योदय
05:19
सूर्यास्त
19:21
चंद्रोदय
14:40
चंद्रास्त
00:49
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जुलाई 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल दशमी
19:00 तक
अगली: शुक्ल एकादशी
प्रगति45%
नक्षत्र
स्वाति (2 पाद)
19:51 तक
अगली: विशाखा
स्वामी: राहु
योग
सिद्ध
20:35 तक
अगला: साध्य
शुभ
करण
तैतिल
05:46 तक
अगला: गर
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल दशमी· 19:00 तक
शुक्ल एकादशी
नक्षत्र
स्वाति · पद 2· 19:51 तक
विशाखा
योग
सिद्ध· 20:35 तक
साध्य
करण
तैतिल· 05:46 तक
गर
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमिथुन
नक्षत्रआर्द्रा
पद4
देशांतर78°59'36"
चन्द्रमा
राशितुला
नक्षत्रस्वाति
पद2
देशांतर192°20'24"

राशि

चंद्र राशि
तुला
सूर्य राशि
मिथुन

देवप्रयाग — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:43 — 04:31
प्रातः सन्ध्या
04:31 — 06:07
सूर्योदय
05:19
अभिजित मुहूर्त
11:56 — 12:44
अमृत कालविशेष
15:51 — 17:36
विजय मुहूर्त
16:33 — 17:29
गोधूलि मुहूर्त
18:57 — 19:45
सूर्यास्त
19:21
सायाह्न सन्ध्या
19:24 — 20:33
निशिता मुहूर्त
23:56 — 00:44
राहु काल
08:50 — 10:35
यमगंड काल
14:05 — 15:51
गुलिक काल
05:19 — 07:05
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:50 — 09:42
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:51 — 16:43
चंद्रोदय
14:40
चंद्रास्त
00:49
मध्याह्न
12:20

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आषाढ़
चन्द्र माह (अमान्त)
आषाढ़
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
स्वाति
नक्षत्र स्वामी
राहु
नक्षत्र देवता
वायु
सूर्य नक्षत्र
आर्द्रा
पद 4स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
14 घण्टे 01 मिनट 28 सेकण्ड
35 घटी 4 पल
रात्रिमान
09 घण्टे 58 मिनट 32 सेकण्ड
24 घटी 56 पल
मध्याह्न (सौर)
12:20
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 5 जुलाई 2025, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:1907:05
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
07:0508:50
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
08:5010:35
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:3512:20
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:2014:05
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:0515:51
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:5117:36
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
17:3619:21
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

19:2120:36
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
20:3621:51
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:5123:05
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
23:0500:20
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:2001:35
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:3502:50
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
02:5004:05
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
04:0505:19
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

देवप्रयाग पंचांग — जुलाई 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 5 जुलाई 2025, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवप्रयाग पंचांग — 5 जुलाई 2025, शनिवार

देवप्रयाग (उत्तराखंड) के लिए 5 जुलाई 2025, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवप्रयाग के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवप्रयाग में 5 जुलाई 2025, शनिवार को सूर्योदय कब है?

देवप्रयाग में 5 जुलाई 2025, शनिवार को सूर्योदय 05:19 बजे और सूर्यास्त 19:21 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवप्रयाग में 5 जुलाई 2025, शनिवार को राहु काल कब है?

देवप्रयाग में 5 जुलाई 2025, शनिवार को राहु काल 08:50 से 10:35 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवप्रयाग में 5 जुलाई 2025, शनिवार को तिथि क्या है?

देवप्रयाग में 5 जुलाई 2025, शनिवार को शुक्ल दशमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।