ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवप्रयाग, उत्तराखंड

देवप्रयाग — पंचांग

22 जुलाई 2025, मंगलवार

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
19:15
चंद्रोदय
02:22
चंद्रास्त
17:25
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

जुलाई 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण द्वादशी
07:06 तक
अगली: कृष्ण त्रयोदशी
प्रगति88%
नक्षत्र
मृगशिरा (2 पाद)
19:24 तक
अगली: आर्द्रा
स्वामी: मंगल
योग
ध्रुव
15:31 तक
अगला: व्याघात
शुभ
करण
तैतिल
07:06 तक
अगला: गर
शुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण द्वादशी· 07:06 तक
कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र
मृगशिरा · पद 2· 19:24 तक
आर्द्रा
योग
ध्रुव· 15:31 तक
व्याघात
करण
तैतिल· 07:06 तक
गर
वार
मंगलवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकर्क
नक्षत्रपुष्य
पद1
देशांतर95°12'46"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्रमृगशिरा
पद2
देशांतर57°45'04"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
कर्क

देवप्रयाग — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 — 04:40
प्रातः सन्ध्या
04:40 — 06:16
सूर्योदय
05:28
अभिजित मुहूर्त
11:58 — 12:46
अमृत कालविशेष
12:22 — 14:05
विजय मुहूर्त
16:30 — 17:25
गोधूलि मुहूर्त
18:51 — 19:39
सूर्यास्त
19:15
सायाह्न सन्ध्या
19:18 — 20:27
निशिता मुहूर्त
23:58 — 00:46
राहु काल
15:49 — 17:32
यमगंड काल
07:12 — 08:55
गुलिक काल
12:22 — 14:05
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:47 — 10:39
द्वितीय दुर्मुहूर्त
14:05 — 14:57
चंद्रोदय
02:22
चंद्रास्त
17:25
मध्याह्न
12:22

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
भाद्रपद
चन्द्र माह (अमान्त)
श्रावण
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
मृगशिरा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
चंद्र
सूर्य नक्षत्र
पुष्य
पद 1स्वामी: शनि

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 47 मिनट 07 सेकण्ड
34 घटी 28 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 12 मिनट 53 सेकण्ड
25 घटी 32 पल
मध्याह्न (सौर)
12:22
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 22 जुलाई 2025, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:2807:12
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
07:1208:55
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
08:5510:39
चर
यात्रा, वाहन चालन
10:3912:22
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:2214:05
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
14:0515:49
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:4917:32
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
17:3219:15
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

19:1520:32
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
20:3221:49
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:4923:05
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:0500:22
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
00:2201:39
चर
यात्रा, वाहन चालन
01:3902:55
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
02:5504:12
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
04:1205:28
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

देवप्रयाग पंचांग — जुलाई 2025

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 22 जुलाई 2025, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवप्रयाग पंचांग — 22 जुलाई 2025, मंगलवार

देवप्रयाग (उत्तराखंड) के लिए 22 जुलाई 2025, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवप्रयाग के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवप्रयाग में 22 जुलाई 2025, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

देवप्रयाग में 22 जुलाई 2025, मंगलवार को सूर्योदय 05:28 बजे और सूर्यास्त 19:15 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवप्रयाग में 22 जुलाई 2025, मंगलवार को राहु काल कब है?

देवप्रयाग में 22 जुलाई 2025, मंगलवार को राहु काल 15:49 से 17:32 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवप्रयाग में 22 जुलाई 2025, मंगलवार को तिथि क्या है?

देवप्रयाग में 22 जुलाई 2025, मंगलवार को कृष्ण द्वादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।