ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवप्रयाग, उत्तराखंड

देवप्रयाग — पंचांग

15 सितंबर 2025, सोमवार

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
18:21
चंद्रास्त
14:11
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सितंबर 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण नवमी
00:00 तक
अगली: कृष्ण दशमी
प्रगति13%
नक्षत्र
मृगशिरा (4 पाद)
07:31 तक
अगली: आर्द्रा
स्वामी: मंगल
योग
व्यतीपात
00:00 तक
अगला: वरीयान
अशुभ
करण
तैतिल
00:00 तक
अगला: गर
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण नवमी· 00:00 तक
कृष्ण दशमी
नक्षत्र
मृगशिरा · पद 4· 07:31 तक
आर्द्रा
योग
व्यतीपात· 00:00 तक
वरीयान
करण
तैतिल· 00:00 तक
गर
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिसिंह
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद1
देशांतर148°13'34"
चन्द्रमा
राशिमिथुन
नक्षत्रमृगशिरा
पद4
देशांतर65°47'12"

राशि

चंद्र राशि
मिथुन
सूर्य राशि
सिंह

देवप्रयाग — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 — 05:12
प्रातः सन्ध्या
05:12 — 06:48
सूर्योदय
06:00
अभिजित मुहूर्त
11:47 — 12:35
अमृत कालविशेष
06:00 — 07:33
विजय मुहूर्त
15:53 — 16:42
गोधूलि मुहूर्त
17:57 — 18:45
सूर्यास्त
18:21
सायाह्न सन्ध्या
18:24 — 19:33
निशिता मुहूर्त
23:47 — 00:35
राहु काल
07:33 — 09:05
यमगंड काल
09:05 — 10:38
गुलिक काल
13:43 — 15:16
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:38 — 11:24
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:43 — 14:30
चंद्रास्त
14:11
मध्याह्न
12:11

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आश्विन
चन्द्र माह (अमान्त)
भाद्रपद
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
मृगशिरा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
चंद्र
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
पद 1स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 21 मिनट 00 सेकण्ड
30 घटी 53 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 39 मिनट 00 सेकण्ड
29 घटी 8 पल
मध्याह्न (सौर)
12:11
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 15 सितंबर 2025, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:0007:33
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:3309:05
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:0510:38
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:3812:11
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:1113:43
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:4315:16
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:1616:48
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:4818:21
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:2119:48
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:4821:16
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:1622:43
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:4300:11
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:1101:38
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:3803:05
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:0504:33
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:3306:00
चर
यात्रा, वाहन चालन

देवप्रयाग पंचांग — सितंबर 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 15 सितंबर 2025, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवप्रयाग पंचांग — 15 सितंबर 2025, सोमवार

देवप्रयाग (उत्तराखंड) के लिए 15 सितंबर 2025, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवप्रयाग के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवप्रयाग में 15 सितंबर 2025, सोमवार को सूर्योदय कब है?

देवप्रयाग में 15 सितंबर 2025, सोमवार को सूर्योदय 06:00 बजे और सूर्यास्त 18:21 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवप्रयाग में 15 सितंबर 2025, सोमवार को राहु काल कब है?

देवप्रयाग में 15 सितंबर 2025, सोमवार को राहु काल 07:33 से 09:05 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवप्रयाग में 15 सितंबर 2025, सोमवार को तिथि क्या है?

देवप्रयाग में 15 सितंबर 2025, सोमवार को कृष्ण नवमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।