ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवप्रयाग, उत्तराखंड

देवप्रयाग — पंचांग

27 सितंबर 2025, शनिवार

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
11:00
चंद्रास्त
21:05
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सितंबर 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पंचमी
12:04 तक
अगली: शुक्ल षष्ठी
प्रगति77%
नक्षत्र
अनुराधा (2 पाद)
01:08 तक
अगली: ज्येष्ठा
स्वामी: शनि
योग
प्रीति
23:45 तक
अगला: आयुष्मान
शुभ
करण
बालव
12:04 तक
अगला: कौलव
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल पंचमी· 12:04 तक
शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा · पद 2· 01:08 तक
ज्येष्ठा
योग
प्रीति· 23:45 तक
आयुष्मान
करण
बालव· 12:04 तक
कौलव
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद4
देशांतर159°57'48"
चन्द्रमा
राशिवृश्चिक
नक्षत्रअनुराधा
पद2
देशांतर217°15'34"

राशि

चंद्र राशि
वृश्चिक
सूर्य राशि
कन्या

देवप्रयाग — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 — 05:19
प्रातः सन्ध्या
05:19 — 06:55
सूर्योदय
06:07
अभिजित मुहूर्त
11:42 — 12:30
अमृत कालविशेष
15:06 — 16:36
विजय मुहूर्त
15:42 — 16:30
गोधूलि मुहूर्त
17:42 — 18:30
सूर्यास्त
18:06
सायाह्न सन्ध्या
18:09 — 19:18
निशिता मुहूर्त
23:42 — 00:30
राहु काल
09:07 — 10:36
यमगंड काल
13:36 — 15:06
गुलिक काल
06:07 — 07:37
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:07 — 09:51
द्वितीय दुर्मुहूर्त
15:06 — 15:51
चंद्रोदय
11:00
चंद्रास्त
21:05
मध्याह्न
12:06

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आश्विन
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
अनुराधा
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
मित्र
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
पद 4स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 59 मिनट 21 सेकण्ड
29 घटी 58 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 00 मिनट 39 सेकण्ड
30 घटी 2 पल
मध्याह्न (सौर)
12:06
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 27 सितंबर 2025, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:0707:37
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
07:3709:07
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
09:0710:36
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:3612:06
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:0613:36
चर
यात्रा, वाहन चालन
13:3615:06
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:0616:36
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
16:3618:06
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:0619:36
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
19:3621:06
चर
यात्रा, वाहन चालन
21:0622:36
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
22:3600:06
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:0601:36
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:3603:07
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
03:0704:37
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
04:3706:07
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

देवप्रयाग पंचांग — सितंबर 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 27 सितंबर 2025, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवप्रयाग पंचांग — 27 सितंबर 2025, शनिवार

देवप्रयाग (उत्तराखंड) के लिए 27 सितंबर 2025, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवप्रयाग के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवप्रयाग में 27 सितंबर 2025, शनिवार को सूर्योदय कब है?

देवप्रयाग में 27 सितंबर 2025, शनिवार को सूर्योदय 06:07 बजे और सूर्यास्त 18:06 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवप्रयाग में 27 सितंबर 2025, शनिवार को राहु काल कब है?

देवप्रयाग में 27 सितंबर 2025, शनिवार को राहु काल 09:07 से 10:36 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवप्रयाग में 27 सितंबर 2025, शनिवार को तिथि क्या है?

देवप्रयाग में 27 सितंबर 2025, शनिवार को शुक्ल पंचमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।