ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
देवप्रयाग, उत्तराखंड

देवप्रयाग — पंचांग

11 अक्टूबर 2025, शनिवार

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
21:01
चंद्रास्त
10:57
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अक्टूबर 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
11 अक्टूबर 2025, शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण पंचमी
16:44 तक
अगली: कृष्ण षष्ठी
प्रगति50%
नक्षत्र
रोहिणी (3 पाद)
15:19 तक
अगली: मृगशिरा
स्वामी: चंद्र
योग
व्यतीपात
14:06 तक
अगला: वरीयान
अशुभ
करण
तैतिल
00:00 तक
अगला: गर
शुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण पंचमी· 16:44 तक
कृष्ण षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी · पद 3· 15:19 तक
मृगशिरा
योग
व्यतीपात· 14:06 तक
वरीयान
करण
तैतिल· 00:00 तक
गर
वार
शनिवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रचित्रा
पद1
देशांतर173°45'04"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्ररोहिणी
पद3
देशांतर47°48'20"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
कन्या

देवप्रयाग — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 — 05:27
प्रातः सन्ध्या
05:27 — 07:03
सूर्योदय
06:15
अभिजित मुहूर्त
11:38 — 12:26
अमृत कालविशेष
14:56 — 16:22
विजय मुहूर्त
15:30 — 16:17
गोधूलि मुहूर्त
17:25 — 18:13
सूर्यास्त
17:49
सायाह्न सन्ध्या
17:52 — 19:01
निशिता मुहूर्त
23:38 — 00:26
राहु काल
09:09 — 10:35
यमगंड काल
13:29 — 14:56
गुलिक काल
06:15 — 07:42
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:09 — 09:52
द्वितीय दुर्मुहूर्त
14:56 — 15:39
चंद्रोदय
21:01
चंद्रास्त
10:57
मध्याह्न
12:02
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
कार्तिक
चन्द्र माह (अमान्त)
आश्विन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
रोहिणी
नक्षत्र स्वामी
चंद्र
नक्षत्र देवता
ब्रह्मा
सूर्य नक्षत्र
चित्रा
पद 1स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 34 मिनट 17 सेकण्ड
28 घटी 56 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 25 मिनट 43 सेकण्ड
31 घटी 4 पल
मध्याह्न (सौर)
12:02
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 11 अक्टूबर 2025, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:1507:42
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
07:4209:09
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
09:0910:35
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:3512:02
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:0213:29
चर
यात्रा, वाहन चालन
13:2914:56
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
14:5616:22
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
16:2217:49
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

17:4919:22
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
19:2220:56
चर
यात्रा, वाहन चालन
20:5622:29
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
22:2900:02
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
00:0201:35
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
01:3503:09
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
03:0904:42
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
04:4206:15
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

देवप्रयाग पंचांग — अक्टूबर 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 11 अक्टूबर 2025, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

देवप्रयाग पंचांग — 11 अक्टूबर 2025, शनिवार

देवप्रयाग (उत्तराखंड) के लिए 11 अक्टूबर 2025, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग देवप्रयाग के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवप्रयाग में 11 अक्टूबर 2025, शनिवार को सूर्योदय कब है?

देवप्रयाग में 11 अक्टूबर 2025, शनिवार को सूर्योदय 06:15 बजे और सूर्यास्त 17:49 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

देवप्रयाग में 11 अक्टूबर 2025, शनिवार को राहु काल कब है?

देवप्रयाग में 11 अक्टूबर 2025, शनिवार को राहु काल 09:09 से 10:35 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

देवप्रयाग में 11 अक्टूबर 2025, शनिवार को तिथि क्या है?

देवप्रयाग में 11 अक्टूबर 2025, शनिवार को कृष्ण पंचमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।