ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
धर्मस्थल, कर्नाटक

धर्मस्थल — पंचांग

20 मई 2027, गुरुवार

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
18:50
चंद्रास्त
05:34
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मई 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
16:29 तक
अगली: कृष्ण प्रतिपदा
प्रगति57%
नक्षत्र
विशाखा (3 पाद)
13:20 तक
अगली: अनुराधा
स्वामी: बृहस्पति
योग
परिघ
22:25 तक
अगला: शिव
अशुभ
करण
बव
00:00 तक
अगला: बालव
शुभ
वार
गुरुवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा· 16:29 तक
कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र
विशाखा · पद 3· 13:20 तक
अनुराधा
योग
परिघ· 22:25 तक
शिव
करण
बव· 00:00 तक
बालव
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिवृषभ
नक्षत्रकृत्तिका
पद3
देशांतर34°34'17"
चन्द्रमा
राशितुला
नक्षत्रविशाखा
पद3
देशांतर209°27'58"

राशि

चंद्र राशि
तुला
सूर्य राशि
वृषभ

धर्मस्थल — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 — 05:14
प्रातः सन्ध्या
05:14 — 06:50
सूर्योदय
06:02
अभिजित मुहूर्त
12:01 — 12:49
अमृत कालविशेष
14:01 — 15:36
विजय मुहूर्त
16:15 — 17:06
गोधूलि मुहूर्त
18:24 — 19:12
सूर्यास्त
18:48
सायाह्न सन्ध्या
18:51 — 20:00
निशिता मुहूर्त
00:01 — 00:49
राहु काल
14:01 — 15:36
यमगंड काल
17:12 — 18:48
गुलिक काल
09:14 — 10:49
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:37 — 12:25
द्वितीय दुर्मुहूर्त
17:12 — 18:00
चंद्रोदय
18:50
चंद्रास्त
05:34
मध्याह्न
12:25

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
ज्येष्ठ
चन्द्र माह (अमान्त)
ज्येष्ठ
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
विशाखा
नक्षत्र स्वामी
बृहस्पति
नक्षत्र देवता
इंद्राग्नि
सूर्य नक्षत्र
कृत्तिका
पद 3स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 45 मिनट 37 सेकण्ड
31 घटी 54 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 14 मिनट 23 सेकण्ड
28 घटी 6 पल
मध्याह्न (सौर)
12:25
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 20 मई 2027, गुरुवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:0207:38
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
07:3809:14
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
09:1410:49
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
10:4912:25
चर
यात्रा, वाहन चालन
12:2514:01
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
14:0115:36
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
15:3617:12
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
17:1218:48
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

रात का चौघड़िया

18:4820:12
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
20:1221:36
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
21:3623:01
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:0100:25
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
00:2501:49
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
01:4903:14
चर
यात्रा, वाहन चालन
03:1404:38
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
04:3806:02
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

धर्मस्थल पंचांग — मई 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 20 मई 2027, गुरुवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

धर्मस्थल पंचांग — 20 मई 2027, गुरुवार

धर्मस्थल (कर्नाटक) के लिए 20 मई 2027, गुरुवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग धर्मस्थल के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मस्थल में 20 मई 2027, गुरुवार को सूर्योदय कब है?

धर्मस्थल में 20 मई 2027, गुरुवार को सूर्योदय 06:02 बजे और सूर्यास्त 18:48 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

धर्मस्थल में 20 मई 2027, गुरुवार को राहु काल कब है?

धर्मस्थल में 20 मई 2027, गुरुवार को राहु काल 14:01 से 15:36 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

धर्मस्थल में 20 मई 2027, गुरुवार को तिथि क्या है?

धर्मस्थल में 20 मई 2027, गुरुवार को शुक्ल पूर्णिमा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।