बुधवार, 1 अप्रैल 2026
धर्मस्थल (कर्नाटक) में शुभ मुहूर्त जानना हर शुभ कार्य के लिए आवश्यक है। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होता है — यह ध्यान, पूजा और अध्ययन के लिए सर्वोत्तम है।
अभिजित मुहूर्त दोपहर के समय लगभग 48 मिनट का होता है और किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
धर्मस्थल में ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होकर 48 मिनट चलता है। यह ध्यान और साधना के लिए सर्वोत्तम है।
अभिजित मुहूर्त धर्मस्थल में दोपहर 12 बजे के आस-पास लगभग 48 मिनट का होता है। कोई भी शुभ कार्य इस समय शुरू करना उत्तम है।
राहु काल अशुभ काल है जिसमें नए काम शुरू न करें। शुभ मुहूर्त जैसे ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त सकारात्मक समय हैं।