ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
धर्मस्थल, कर्नाटक

धर्मस्थल — पंचांग

18 अक्टूबर 2027, सोमवार

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
20:13
चंद्रास्त
08:34
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अक्टूबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण तृतीया
17:52 तक
अगली: कृष्ण चतुर्थी
प्रगति50%
नक्षत्र
कृत्तिका (2 पाद)
00:00 तक
अगली: रोहिणी
स्वामी: सूर्य
योग
सिद्धि
11:16 तक
अगला: व्यतीपात
शुभ
करण
वणिज
06:20 तक
अगला: विष्टि
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण तृतीया· 17:52 तक
कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र
कृत्तिका · पद 2· 00:00 तक
रोहिणी
योग
सिद्धि· 11:16 तक
व्यतीपात
करण
वणिज· 06:20 तक
विष्टि
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशितुला
नक्षत्रचित्रा
पद3
देशांतर180°10'47"
चन्द्रमा
राशिवृषभ
नक्षत्रकृत्तिका
पद2
देशांतर30°10'09"

राशि

चंद्र राशि
वृषभ
सूर्य राशि
तुला

धर्मस्थल — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 — 05:31
प्रातः सन्ध्या
05:31 — 07:07
सूर्योदय
06:19
अभिजित मुहूर्त
11:50 — 12:38
अमृत कालविशेष
06:19 — 07:48
विजय मुहूर्त
15:46 — 16:34
गोधूलि मुहूर्त
17:44 — 18:32
सूर्यास्त
18:08
सायाह्न सन्ध्या
18:11 — 19:20
निशिता मुहूर्त
23:50 — 00:38
राहु काल
07:48 — 09:16
यमगंड काल
09:16 — 10:45
गुलिक काल
13:42 — 15:11
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:45 — 11:29
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:42 — 14:27
चंद्रोदय
20:13
चंद्रास्त
08:34
मध्याह्न
12:14

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
मार्गशीर्ष
चन्द्र माह (अमान्त)
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 2
कृत्तिका
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अग्नि
सूर्य नक्षत्र
चित्रा
पद 3स्वामी: मंगल

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
हेमन्त
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 49 मिनट 04 सेकण्ड
29 घटी 33 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 10 मिनट 56 सेकण्ड
30 घटी 27 पल
मध्याह्न (सौर)
12:14
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 18 अक्टूबर 2027, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:1907:48
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:4809:16
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:1610:45
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:4512:14
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:1413:42
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:4215:11
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:1116:40
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:4018:08
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:0819:40
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:4021:11
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
21:1122:42
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:4200:14
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
00:1401:45
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:4503:16
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
03:1604:48
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
04:4806:19
चर
यात्रा, वाहन चालन

धर्मस्थल पंचांग — अक्टूबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 18 अक्टूबर 2027, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

धर्मस्थल पंचांग — 18 अक्टूबर 2027, सोमवार

धर्मस्थल (कर्नाटक) के लिए 18 अक्टूबर 2027, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग धर्मस्थल के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मस्थल में 18 अक्टूबर 2027, सोमवार को सूर्योदय कब है?

धर्मस्थल में 18 अक्टूबर 2027, सोमवार को सूर्योदय 06:19 बजे और सूर्यास्त 18:08 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

धर्मस्थल में 18 अक्टूबर 2027, सोमवार को राहु काल कब है?

धर्मस्थल में 18 अक्टूबर 2027, सोमवार को राहु काल 07:48 से 09:16 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

धर्मस्थल में 18 अक्टूबर 2027, सोमवार को तिथि क्या है?

धर्मस्थल में 18 अक्टूबर 2027, सोमवार को कृष्ण तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।