ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
हरिद्वार, उत्तराखंड

हरिद्वार — पंचांग

28 फरवरी 2025, शुक्रवार

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
06:56
चंद्रास्त
18:43
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फरवरी 2025 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
00:00 तक
अगली: शुक्ल द्वितीया
प्रगति2%
नक्षत्र
शतभिषा (3 पाद)
13:40 तक
अगली: पूर्वभाद्रपद
स्वामी: राहु
योग
सिद्ध
20:07 तक
अगला: साध्य
शुभ
करण
किंस्तुघ्न
00:00 तक
अगला: बव
शुभ
वार
शुक्रवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल प्रतिपदा· 00:00 तक
शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र
शतभिषा · पद 3· 13:40 तक
पूर्वभाद्रपद
योग
सिद्ध· 20:07 तक
साध्य
करण
किंस्तुघ्न· 00:00 तक
बव
वार
शुक्रवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रशतभिषा
पद3
देशांतर315°29'28"
चन्द्रमा
राशिकुम्भ
नक्षत्रशतभिषा
पद3
देशांतर315°46'03"

राशि

चंद्र राशि
कुम्भ
सूर्य राशि
कुम्भ

हरिद्वार — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 — 05:56
प्रातः सन्ध्या
05:56 — 07:32
सूर्योदय
06:44
अभिजित मुहूर्त
12:06 — 12:54
अमृत कालविशेष
09:37 — 11:04
विजय मुहूर्त
15:57 — 16:43
गोधूलि मुहूर्त
17:52 — 18:40
सूर्यास्त
18:16
सायाह्न सन्ध्या
18:19 — 19:28
निशिता मुहूर्त
00:06 — 00:54
राहु काल
11:04 — 12:30
यमगंड काल
15:23 — 16:49
गुलिक काल
08:11 — 09:37
प्रथम दुर्मुहूर्त
08:54 — 09:37
द्वितीय दुर्मुहूर्त
11:04 — 11:47
चंद्रोदय
06:56
चंद्रास्त
18:43
मध्याह्न
12:30

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
शतभिषा
नक्षत्र स्वामी
राहु
नक्षत्र देवता
वरुण
सूर्य नक्षत्र
शतभिषा
पद 3स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 31 मिनट 17 सेकण्ड
28 घटी 48 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 28 मिनट 43 सेकण्ड
31 घटी 12 पल
मध्याह्न (सौर)
12:30
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 28 फरवरी 2025, शुक्रवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:4408:11
चर
यात्रा, वाहन चालन
08:1109:37
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
09:3711:04
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
11:0412:30
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
12:3013:56
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
13:5615:23
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
15:2316:49
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
16:4918:16
चर
यात्रा, वाहन चालन

रात का चौघड़िया

18:1619:49
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
19:4921:23
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
21:2322:56
चर
यात्रा, वाहन चालन
22:5600:30
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:3002:04
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
02:0403:37
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:3705:11
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
05:1106:44
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

हरिद्वार पंचांग — फरवरी 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 28 फरवरी 2025, शुक्रवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

हरिद्वार पंचांग — 28 फरवरी 2025, शुक्रवार

हरिद्वार (उत्तराखंड) के लिए 28 फरवरी 2025, शुक्रवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग हरिद्वार के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरिद्वार में 28 फरवरी 2025, शुक्रवार को सूर्योदय कब है?

हरिद्वार में 28 फरवरी 2025, शुक्रवार को सूर्योदय 06:44 बजे और सूर्यास्त 18:16 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

हरिद्वार में 28 फरवरी 2025, शुक्रवार को राहु काल कब है?

हरिद्वार में 28 फरवरी 2025, शुक्रवार को राहु काल 11:04 से 12:30 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

हरिद्वार में 28 फरवरी 2025, शुक्रवार को तिथि क्या है?

हरिद्वार में 28 फरवरी 2025, शुक्रवार को शुक्ल प्रतिपदा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।