ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
26°54'45"N · 75°47'14"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
गुरुवार — पञ्चाङ्ग गणना

21.4अप्रैल 2022

गुरुवार · 21 अप्रैल 2022
गुरु वार·कृष्ण पक्ष·वैशाख मास·संवत् 2079 राक्षस
जयपुर
राजस्थान
26°54'45"N  75°47'14"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
पंचमीकृष्ण पक्ष
11:13 तक
ii.
नक्षत्र
मूल2 पाद
21:52 तक
iii.
योग
परिघअशुभ
10:22 तक
iv.
करण
तैतिल
11:13 तक
v.
वार
गुरुवारगुरु स्वामी
सूर्योदय 05:58

सूर्य आर्क

दिनमान · 12 घण्टे 57 मिनट
05:58सूर्योदय18:54सूर्यास्त12:26
अरुणोदय
04:22
मध्याह्न
12:26
दिनमान
12:57
प्रातः सन्धि
04:51

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 11 घण्टे 03 मिनट
00:12, 22 अप्रैलचन्द्रोदय09:26चन्द्रास्तकला ~77%
रात्रिमान
11:03
निशीथ
00:03
गोधूलि
18:52
कला
77%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
12:00 — 12:52
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:28 — 05:12
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
14:35 — 15:27
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
18:52 — 19:16
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
00:03 — 00:47
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:51 — 05:58
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
18:54 — 20:00
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
15:58 — 17:26
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
14:03 — 15:40
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — धूम्रअशुभ
21:52 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
14:03 — 15:40
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
05:58 — 07:35
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
09:12 — 10:49
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
20:24 — 21:52
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलसक्रिय
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृत
वर्तमान
.
शुभ
05:58 — 07:35
दिन05:5818:54
1शुभबृहस्पति05:5807:35
2रोगमंगल07:3509:12
3उद्वेगसूर्य09:1210:49
4चरशुक्र10:4912:26
5लाभबुध12:2614:03
6अमृतचंद्र14:0315:40
7कालशनि15:4017:17
8शुभबृहस्पति17:1718:54
रात्रि18:54 → अगला सूर्योदय
1अमृतचंद्र18:5420:17
2चरशुक्र20:1721:40
3रोगमंगल21:4023:03
4कालशनि23:0300:25
5लाभबुध00:2501:48
6उद्वेगसूर्य01:4803:11
7शुभबृहस्पति03:1104:34
8अमृतचंद्र04:3405:57
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
गुरु
05:58 — 07:02
iगुरु05:58
iiमङ्गल07:02
iiiसूर्य08:07
ivशुक्र09:12
vबुध10:16
viचन्द्र11:21
viiशनि12:26
viiiगुरु13:31
ixमङ्गल14:35
xसूर्य15:40
xiशुक्र16:45
xiiबुध17:49
xiiiचन्द्र18:54
xivशनि19:49
xvगुरु20:45
xviमङ्गल21:40
xviiसूर्य22:35
xviiiशुक्र23:30
xixबुध00:25
xxचन्द्र01:21
xxiशनि02:16
xxiiगुरु03:11
xxiiiमङ्गल04:06
xxivसूर्य05:01
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iमेष05:5707:18
iiवृष07:1809:14
iiiमिथुन09:1411:28
ivकर्क11:2813:47
vसिंह13:4716:03
viकन्या16:0318:17
viiतुला18:1720:35
viiiवृश्चिक20:3522:53
ixधनु22:5300:57
xमकर00:5702:41
xiकुम्भ02:4104:10
xiiमीन04:1005:37
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:5707:18
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · i
07:1809:14
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
वृष · ii
09:1411:28
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · iii
11:2813:47
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कर्क · iv
13:4716:03
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
सिंह · v
16:0318:17
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
कन्या · vi
18:1720:35
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
तुला · vii
20:3522:53
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
वृश्चिक · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
धूम्र
परिवर्तन21:52
अगला योग
धाता
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमवायु
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
दक्षिण
दिशा-शूल
दक्षिण
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पश्चिम
नक्षत्रानुसार
राहु वास
अग्नि
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पाताल
शुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
वृषभ
शुभ
चन्द्र वास
पूर्व
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
हानि
त्याज्य
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · वृष राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुआश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
मेष
समस्त दिवस
नक्षत्र
अश्विनी
3 पाद
देशान्तर
6°43'18"
6.72° सायन
गति
0.9758°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
धनु
चन्द्र राशि
नक्षत्र
मूल
2 पाद
गति
14.3944°
प्रति दिवस
देशान्तर
243°46'18"
243.77° सायन
कला — क्षयक्रम
77%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण पंचमी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
वैशाख
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
चैत्र
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
7
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
वसन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
वसन्त
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2079
राक्षस
शक संवत्
1944
शुभकृत
गुजराती संवत्
2078
प्रमादी
कलियुग वर्ष
5,123
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,71,225
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°10'31"
24.175364°
जूलियन दिवस
24,59,690
JD
संशोधित JD
59,690
MJD
जूलियन (पुरातन)
8 अप्रैल
2022
राष्ट्रीय सिविल
वैशाख 1
शक 1944
राष्ट्रीय निरयन
चैत्र 7
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,38,266
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
गुरु
राजा
गुरु
मन्त्री
शुक्र
सेनाधिपति
शनि
मेघाधिपति
सूर्य
सस्याधिपति
चन्द्र
धान्याधिपति
मङ्गल
फलाधिपति
बुध
रसाधिपति
शुक्र
धनाधिपति
गुरु
निरसाधिपति
शनि
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण पंचमी
11:13
अगला
कृष्ण षष्ठी
08:43
+ २
कृष्ण सप्तमी

नक्षत्र

अब
मूल
21:52
अगला
पूर्वाषाढ़ा
20:15
+ २
उत्तराषाढ़ा

योग

अब
परिघ
10:22
अगला
शिव
07:13
+ २
सिद्ध

करण

अब
तैतिल
11:13
अगला
गर
21:56
+ २
वणिज
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°10'31"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्