ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
जयपुर, राजस्थान

जयपुर — पंचांग

5 मार्च 2025, बुधवार

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
10:11
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मार्च 2025 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल षष्ठी
12:52 तक
अगली: शुक्ल सप्तमी
प्रगति72%
नक्षत्र
कृत्तिका (1 पाद)
00:00 तक
अगली: रोहिणी
स्वामी: सूर्य
योग
वैधृति
00:00 तक
अगला: विष्कम्भ
अशुभ
करण
तैतिल
00:00 तक
अगला: गर
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल षष्ठी· 12:52 तक
शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र
कृत्तिका · पद 1· 00:00 तक
रोहिणी
योग
वैधृति· 00:00 तक
विष्कम्भ
करण
तैतिल· 00:00 तक
गर
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकुम्भ
नक्षत्रपूर्वभाद्रपद
पद1
देशांतर320°30'33"
चन्द्रमा
राशिमेष
नक्षत्रकृत्तिका
पद1
देशांतर29°08'26"

राशि

चंद्र राशि
मेष
सूर्य राशि
कुम्भ

जयपुर — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 — 05:59
प्रातः सन्ध्या
05:59 — 07:35
सूर्योदय
06:47
अभिजित मुहूर्त
12:14 — 13:02
अमृत कालविशेष
08:15 — 09:43
विजय मुहूर्त
16:09 — 16:56
गोधूलि मुहूर्त
18:06 — 18:54
सूर्यास्त
18:30
सायाह्न सन्ध्या
18:33 — 19:42
निशिता मुहूर्त
00:14 — 01:02
राहु काल
12:38 — 14:06
यमगंड काल
06:47 — 08:15
गुलिक काल
11:11 — 12:38
प्रथम दुर्मुहूर्त
11:11 — 11:55
चंद्रोदय
10:11
मध्याह्न
12:38

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
फाल्गुन
चन्द्र माह (अमान्त)
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1946
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
कृत्तिका
नक्षत्र स्वामी
सूर्य
नक्षत्र देवता
अग्नि
सूर्य नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
पद 1स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शिशिर
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
11 घण्टे 43 मिनट 15 सेकण्ड
29 घटी 18 पल
रात्रिमान
12 घण्टे 16 मिनट 45 सेकण्ड
30 घटी 42 पल
मध्याह्न (सौर)
12:38
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 5 मार्च 2025, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:4708:15
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
08:1509:43
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
09:4311:11
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
11:1112:38
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
12:3814:06
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
14:0615:34
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
15:3417:02
चर
यात्रा, वाहन चालन
17:0218:30
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

18:3020:02
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
20:0221:34
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
21:3423:06
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
23:0600:38
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
00:3802:11
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
02:1103:43
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
03:4305:15
चर
यात्रा, वाहन चालन
05:1506:47
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

जयपुर पंचांग — मार्च 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 5 मार्च 2025, बुधवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

जयपुर पंचांग — 5 मार्च 2025, बुधवार

जयपुर (राजस्थान) के लिए 5 मार्च 2025, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग जयपुर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में 5 मार्च 2025, बुधवार को सूर्योदय कब है?

जयपुर में 5 मार्च 2025, बुधवार को सूर्योदय 06:47 बजे और सूर्यास्त 18:30 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

जयपुर में 5 मार्च 2025, बुधवार को राहु काल कब है?

जयपुर में 5 मार्च 2025, बुधवार को राहु काल 12:38 से 14:06 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

जयपुर में 5 मार्च 2025, बुधवार को तिथि क्या है?

जयपुर में 5 मार्च 2025, बुधवार को शुक्ल षष्ठी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।