ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
जयपुर, राजस्थान

जयपुर — पंचांग

6 जुलाई 2027, मंगलवार

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
19:25
चंद्रोदय
07:53
चंद्रास्त
21:27
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जुलाई 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
6 जुलाई 2027, मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल तृतीया
00:00 तक
अगली: शुक्ल चतुर्थी
प्रगति21%
नक्षत्र
पुष्य (4 पाद)
06:33 तक
अगली: आश्लेषा
स्वामी: शनि
योग
हर्षण
07:15 तक
अगला: वज्र
शुभ
करण
तैतिल
00:00 तक
अगला: गर
शुभ
वार
मंगलवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल तृतीया· 00:00 तक
शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र
पुष्य · पद 4· 06:33 तक
आश्लेषा
योग
हर्षण· 07:15 तक
वज्र
करण
तैतिल· 00:00 तक
गर
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमिथुन
नक्षत्रआर्द्रा
पद4
देशांतर79°30'42"
चन्द्रमा
राशिकर्क
नक्षत्रपुष्य
पद4
देशांतर106°05'25"

राशि

चंद्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
मिथुन

जयपुर — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 — 04:50
प्रातः सन्ध्या
04:50 — 06:26
सूर्योदय
05:38
अभिजित मुहूर्त
12:08 — 12:56
अमृत कालविशेष
12:32 — 14:15
विजय मुहूर्त
16:39 — 17:35
गोधूलि मुहूर्त
19:01 — 19:49
सूर्यास्त
19:25
सायाह्न सन्ध्या
19:28 — 20:37
निशिता मुहूर्त
00:08 — 00:56
राहु काल
15:58 — 17:41
यमगंड काल
07:22 — 09:05
गुलिक काल
12:32 — 14:15
प्रथम दुर्मुहूर्त
09:57 — 10:48
द्वितीय दुर्मुहूर्त
14:15 — 15:06
चंद्रोदय
07:53
चंद्रास्त
21:27
मध्याह्न
12:32
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आषाढ़
चन्द्र माह (अमान्त)
आषाढ़
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
पुष्य
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
बृहस्पति
सूर्य नक्षत्र
आर्द्रा
पद 4स्वामी: राहु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 46 मिनट 24 सेकण्ड
34 घटी 26 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 13 मिनट 36 सेकण्ड
25 घटी 34 पल
मध्याह्न (सौर)
12:32
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 6 जुलाई 2027, मंगलवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:3807:22
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
07:2209:05
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
09:0510:48
चर
यात्रा, वाहन चालन
10:4812:32
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
12:3214:15
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
14:1515:58
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
15:5817:41
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
17:4119:25
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

19:2520:41
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
20:4121:58
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:5823:15
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
23:1500:32
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
00:3201:48
चर
यात्रा, वाहन चालन
01:4803:05
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
03:0504:22
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
04:2205:38
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

जयपुर पंचांग — जुलाई 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 6 जुलाई 2027, मंगलवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

जयपुर पंचांग — 6 जुलाई 2027, मंगलवार

जयपुर (राजस्थान) के लिए 6 जुलाई 2027, मंगलवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग जयपुर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में 6 जुलाई 2027, मंगलवार को सूर्योदय कब है?

जयपुर में 6 जुलाई 2027, मंगलवार को सूर्योदय 05:38 बजे और सूर्यास्त 19:25 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

जयपुर में 6 जुलाई 2027, मंगलवार को राहु काल कब है?

जयपुर में 6 जुलाई 2027, मंगलवार को राहु काल 15:58 से 17:41 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

जयपुर में 6 जुलाई 2027, मंगलवार को तिथि क्या है?

जयपुर में 6 जुलाई 2027, मंगलवार को शुक्ल तृतीया तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।