ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
जयपुर, राजस्थान

जयपुर — पंचांग

18 जुलाई 2027, रविवार

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
19:20
चंद्रास्त
05:10
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जुलाई 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
21:15 तक
अगली: कृष्ण प्रतिपदा
प्रगति41%
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा (4 पाद)
11:17 तक
अगली: उत्तराषाढ़ा
स्वामी: शुक्र
योग
वैधृति
15:20 तक
अगला: विष्कम्भ
अशुभ
करण
विष्टि
08:00 तक
अगला: बव
अशुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा· 21:15 तक
कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · पद 4· 11:17 तक
उत्तराषाढ़ा
योग
वैधृति· 15:20 तक
विष्कम्भ
करण
विष्टि· 08:00 तक
बव
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकर्क
नक्षत्रपुनर्वसु
पद4
देशांतर90°57'28"
चन्द्रमा
राशिधनु
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
पद4
देशांतर263°55'05"

राशि

चंद्र राशि
धनु
सूर्य राशि
कर्क

जयपुर — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 — 04:56
प्रातः सन्ध्या
04:56 — 06:32
सूर्योदय
05:44
अभिजित मुहूर्त
12:09 — 12:57
अमृत कालविशेष
10:51 — 12:33
विजय मुहूर्त
16:38 — 17:33
गोधूलि मुहूर्त
18:58 — 19:46
सूर्यास्त
19:22
सायाह्न सन्ध्या
19:25 — 20:34
निशिता मुहूर्त
00:09 — 00:57
राहु काल
17:40 — 19:22
यमगंड काल
10:51 — 12:33
गुलिक काल
15:58 — 17:40
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:51 — 11:42
द्वितीय दुर्मुहूर्त
18:31 — 19:22
चंद्रोदय
19:20
चंद्रास्त
05:10
मध्याह्न
12:33

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
श्रावण
चन्द्र माह (अमान्त)
श्रावण
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
पूर्वाषाढ़ा
नक्षत्र स्वामी
शुक्र
नक्षत्र देवता
जल
सूर्य नक्षत्र
पुनर्वसु
पद 4स्वामी: बृहस्पति

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 38 मिनट 16 सेकण्ड
34 घटी 6 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 21 मिनट 44 सेकण्ड
25 घटी 54 पल
मध्याह्न (सौर)
12:33
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 18 जुलाई 2027, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:4407:26
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
07:2609:08
चर
यात्रा, वाहन चालन
09:0810:51
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:5112:33
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
12:3314:15
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
14:1515:58
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
15:5817:40
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
17:4019:22
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

19:2220:40
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
20:4021:58
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
21:5823:15
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
23:1500:33
चर
यात्रा, वाहन चालन
00:3301:51
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:5103:08
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
03:0804:26
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
04:2605:44
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

जयपुर पंचांग — जुलाई 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 18 जुलाई 2027, रविवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

जयपुर पंचांग — 18 जुलाई 2027, रविवार

जयपुर (राजस्थान) के लिए 18 जुलाई 2027, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग जयपुर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में 18 जुलाई 2027, रविवार को सूर्योदय कब है?

जयपुर में 18 जुलाई 2027, रविवार को सूर्योदय 05:44 बजे और सूर्यास्त 19:22 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

जयपुर में 18 जुलाई 2027, रविवार को राहु काल कब है?

जयपुर में 18 जुलाई 2027, रविवार को राहु काल 17:40 से 19:22 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

जयपुर में 18 जुलाई 2027, रविवार को तिथि क्या है?

जयपुर में 18 जुलाई 2027, रविवार को शुक्ल पूर्णिमा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।