ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
23°49'39"N · 86°34'45"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
शुक्रवार — पञ्चाङ्ग गणना

28.2फरवरी 2025

शुक्रवार · 28 फरवरी 2025
शुक्र वार·कृष्ण पक्ष·माघ मास·संवत् 2081 पिंगल
Jangalpur
झारखंड
23°49'39"N  86°34'45"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
अमावस्याकृष्ण पक्ष
06:15 तक
ii.
नक्षत्र
शतभिषा3 पाद
13:41 तक
iii.
योग
सिद्धशुभ
20:09 तक
iv.
करण
नाग
06:15 तक
v.
वार
शुक्रवारशुक्र स्वामी
सूर्योदय 06:07

सूर्य आर्क

दिनमान · 11 घण्टे 39 मिनट
06:07सूर्योदय17:46सूर्यास्त11:56
अरुणोदय
04:31
मध्याह्न
11:56
दिनमान
11:39
प्रातः सन्धि
04:53

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 12 घण्टे 20 मिनट
06:20चन्द्रोदय18:07चन्द्रास्तकला ~0%
रात्रिमान
12:20
निशीथ
23:31
गोधूलि
17:44
कला
0%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:33 — 12:20
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:27 — 05:16
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:53 — 14:40
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
17:44 — 18:11
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:31 — 00:21
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:53 — 06:07
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
17:46 — 19:00
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
07:06 — 08:34
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
09:01 — 10:29
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — धाताशुभ
13:41 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
10:29 — 11:56
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
14:51 — 16:19
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
07:34 — 09:01
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
19:28 — 20:55
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकसक्रिय
सक्रिय
गण्डमूलअनुपस्थित
अस्त — शनिसूर्य से 10.9° दहन
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिचरलाभअमृतकालशुभरोगउद्वेगचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोग
वर्तमान
.
चर
06:07 — 07:34
दिन06:0717:46
1चरशुक्र06:0707:34
2लाभबुध07:3409:01
3अमृतचंद्र09:0110:29
4कालशनि10:2911:56
5शुभबृहस्पति11:5613:24
6रोगमंगल13:2414:51
7उद्वेगसूर्य14:5116:19
8चरशुक्र16:1917:46
रात्रि17:46 → अगला सूर्योदय
1रोगमंगल17:4619:18
2कालशनि19:1820:51
3लाभबुध20:5122:23
4उद्वेगसूर्य22:2323:56
5शुभबृहस्पति23:5601:28
6अमृतचंद्र01:2803:01
7चरशुक्र03:0104:33
8रोगमंगल04:3306:06
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
शुक्र
06:07 — 07:05
iशुक्र06:07
iiबुध07:05
iiiचन्द्र08:03
ivशनि09:01
vगुरु10:00
viमङ्गल10:58
viiसूर्य11:56
viiiशुक्र12:55
ixबुध13:53
xचन्द्र14:51
xiशनि15:49
xiiगुरु16:48
xiiiमङ्गल17:46
xivसूर्य18:48
xvशुक्र19:49
xviबुध20:51
xviiचन्द्र21:53
xviiiशनि22:54
xixगुरु23:56
xxमङ्गल00:58
xxiसूर्य01:59
xxiiशुक्र03:01
xxiiiबुध04:02
xxivचन्द्र05:04
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iकुम्भ06:0606:54
iiमीन06:5408:24
iiiमेष08:2410:03
ivवृष10:0312:01
vमिथुन12:0114:15
viकर्क14:1516:31
viiसिंह16:3118:44
viiiकन्या18:4420:55
ixतुला20:5523:10
xवृश्चिक23:1001:27
xiधनु01:2703:32
xiiमकर03:3205:18
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
06:0606:54
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
कुम्भ · i
06:5408:24
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मीन · ii
08:2410:03
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
मेष · iii
10:0312:01
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · iv
12:0114:15
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
मिथुन · v
14:1516:31
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कर्क · vi
16:3118:44
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
सिंह · vii
18:4420:55
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कन्या · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
धाता
परिवर्तन13:41
अगला योग
सौम्य
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमआकाश
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पश्चिम
दिशा-शूल
पश्चिम
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
दक्षिण
नक्षत्रानुसार
राहु वास
अग्नि
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पृथ्वी
शुभ
भद्रा वास
भूमि
त्याज्य
शिव वास
गौरी
शुभ
चन्द्र वास
पश्चिम
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
शुभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषवृषसिंहकन्याधनुकुम्भ
⊝ अष्टम चन्द्र · कर्क राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
कुम्भ
समस्त दिवस
नक्षत्र
शतभिषा
3 पाद
देशान्तर
315°27'15"
315.45° सायन
गति
1.0044°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
कुम्भ
चन्द्र राशि
नक्षत्र
शतभिषा
3 पाद
गति
14.7054°
प्रति दिवस
देशान्तर
315°22'40"
315.38° सायन
कला — क्षयक्रम
0%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण अमावस्या
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
माघ
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
माघ
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
16
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
शिशिर
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
शिशिर
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2081
पिंगल
शक संवत्
1946
क्रोधी
गुजराती संवत्
2081
नल
कलियुग वर्ष
5,126
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,72,269
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°12'55"
24.215292°
जूलियन दिवस
24,60,734
JD
संशोधित JD
60,734
MJD
जूलियन (पुरातन)
15 फरवरी
2025
राष्ट्रीय सिविल
फाल्गुन 9
शक 1946
राष्ट्रीय निरयन
माघ 16
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,39,310
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
बुध
राजा
बुध
मन्त्री
गुरु
सेनाधिपति
शुक्र
मेघाधिपति
शनि
सस्याधिपति
सूर्य
धान्याधिपति
चन्द्र
फलाधिपति
मङ्गल
रसाधिपति
गुरु
धनाधिपति
बुध
निरसाधिपति
शुक्र
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण अमावस्या
06:15
अगला
शुक्ल प्रतिपदा
03:17
+ २
शुक्ल द्वितीया

नक्षत्र

अब
शतभिषा
13:41
अगला
पूर्वभाद्रपद
11:23
+ २
उत्तरभाद्रपद

योग

अब
सिद्ध
20:09
अगला
साध्य
16:26
+ २
शुभ

करण

अब
नाग
06:15
अगला
किंस्तुघ्न
16:47
+ २
बव
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°12'55"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्