ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
22°34'21"N · 88°21'50"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
मंगलवार — पञ्चाङ्ग गणना

17.4अप्रैल 2012

मंगलवार · 17 अप्रैल 2012
मङ्गल वार·कृष्ण पक्ष·वैशाख मास·संवत् 2069 विश्वावसु
कोलकाता
पश्चिम बंगाल
22°34'21"N  88°21'50"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
द्वादशीकृष्ण पक्ष
06:30 तक
ii.
नक्षत्र
शतभिषा3 पाद
14:10 तक
iii.
योग
शुक्लशुभ
07:30 तक
iv.
करण
कौलव
17:45 तक
v.
वार
मंगलवारमङ्गल स्वामी
सूर्योदय 05:15

सूर्य आर्क

दिनमान · 12 घण्टे 43 मिनट
05:15सूर्योदय17:58सूर्यास्त11:36
अरुणोदय
03:39
मध्याह्न
11:36
दिनमान
12:43
प्रातः सन्धि
04:07

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 11 घण्टे 16 मिनट
03:11, 18 अप्रैलचन्द्रोदय14:40चन्द्रास्तकला ~17%
रात्रिमान
11:16
निशीथ
23:13
गोधूलि
17:56
कला
17%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:11 — 12:02
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
03:44 — 04:29
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:43 — 14:34
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
17:56 — 18:20
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:13 — 23:58
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:07 — 05:15
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
17:58 — 19:05
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
06:27 — 08:10
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
11:36 — 13:12
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — उत्पातअशुभ
14:10 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
14:47 — 16:22
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
08:25 — 10:01
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
11:36 — 13:12
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
21:08 — 22:52
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकसक्रिय
सक्रिय
गण्डमूलअनुपस्थित
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिरोगउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभरोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाल
वर्तमान
.
रोग
05:15 — 06:50
दिन05:1517:58
1रोगमंगल05:1506:50
2उद्वेगसूर्य06:5008:25
3चरशुक्र08:2510:01
4लाभबुध10:0111:36
5अमृतचंद्र11:3613:12
6कालशनि13:1214:47
7शुभबृहस्पति14:4716:22
8रोगमंगल16:2217:58
रात्रि17:58 → अगला सूर्योदय
1कालशनि17:5819:22
2लाभबुध19:2220:47
3उद्वेगसूर्य20:4722:11
4शुभबृहस्पति22:1123:36
5अमृतचंद्र23:3601:00
6चरशुक्र01:0002:25
7रोगमंगल02:2503:49
8कालशनि03:4905:14
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
मङ्गल
05:15 — 06:18
iमङ्गल05:15
iiसूर्य06:18
iiiशुक्र07:22
ivबुध08:25
vचन्द्र09:29
viशनि10:33
viiगुरु11:36
viiiमङ्गल12:40
ixसूर्य13:43
xशुक्र14:47
xiबुध15:51
xiiचन्द्र16:54
xiiiशनि17:58
xivगुरु18:54
xvमङ्गल19:50
xviसूर्य20:47
xviiशुक्र21:43
xviiiबुध22:39
xixचन्द्र23:36
xxशनि00:32
xxiगुरु01:28
xxiiमङ्गल02:25
xxiiiसूर्य03:21
xxivशुक्र04:18
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iमेष05:1406:48
iiवृष06:4808:46
iiiमिथुन08:4611:00
ivकर्क11:0013:15
vसिंह13:1515:27
viकन्या15:2717:37
viiतुला17:3719:51
viiiवृश्चिक19:5122:07
ixधनु22:0700:12
xमकर00:1201:59
xiकुम्भ01:5903:33
xiiमीन03:3305:04
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:1406:48
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · i
06:4808:46
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · ii
08:4611:00
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · iii
11:0013:15
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
कर्क · iv
13:1515:27
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
सिंह · v
15:2717:37
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
कन्या · vi
17:3719:51
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
तुला · vii
19:5122:07
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
वृश्चिक · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
उत्पात
परिवर्तन14:10
अगला योग
मृत्यु
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमआकाश
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
उत्तर
दिशा-शूल
उत्तर
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
दक्षिण
नक्षत्रानुसार
राहु वास
ईशान
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पृथ्वी
शुभ
भद्रा वास
भूमि
त्याज्य
शिव वास
वृषभ
शुभ
चन्द्र वास
पश्चिम
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
लाभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषवृषसिंहकन्याधनुकुम्भ
⊝ अष्टम चन्द्र · कर्क राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
मेष
समस्त दिवस
नक्षत्र
अश्विनी
2 पाद
देशान्तर
3°20'21"
3.34° सायन
गति
0.9779°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
कुम्भ
चन्द्र राशि
नक्षत्र
शतभिषा
3 पाद
गति
12.3245°
प्रति दिवस
देशान्तर
315°23'60"
315.4° सायन
कला — क्षयक्रम
17%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण द्वादशी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
वैशाख
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
चैत्र
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
4
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
वसन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
वसन्त
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2069
विश्वावसु
शक संवत्
1934
नन्दन
गुजराती संवत्
2068
शोभकृत
कलियुग वर्ष
5,113
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,67,569
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°02'08"
24.03554°
जूलियन दिवस
24,56,034
JD
संशोधित JD
56,034
MJD
जूलियन (पुरातन)
4 अप्रैल
2012
राष्ट्रीय सिविल
चैत्र 28
शक 1934
राष्ट्रीय निरयन
चैत्र 4
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,34,610
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
शुक्र
राजा
शुक्र
मन्त्री
शनि
सेनाधिपति
सूर्य
मेघाधिपति
चन्द्र
सस्याधिपति
मङ्गल
धान्याधिपति
बुध
फलाधिपति
गुरु
रसाधिपति
शनि
धनाधिपति
शुक्र
निरसाधिपति
सूर्य
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण द्वादशी
06:30
अगला
कृष्ण त्रयोदशी
08:18
+ २
कृष्ण चतुर्दशी

नक्षत्र

अब
शतभिषा
14:10
अगला
पूर्वभाद्रपद
16:17
+ २
उत्तरभाद्रपद

योग

अब
शुक्ल
07:30
अगला
ब्रह्म
07:36
+ २
ऐन्द्र

करण

अब
कौलव
17:45
अगला
तैतिल
06:30
+ २
गर
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°02'08"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्