ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
22°34'21"N · 88°21'50"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
शुक्रवार — पञ्चाङ्ग गणना

27.11नवंबर 2015

शुक्रवार · 27 नवंबर 2015
शुक्र वार·कृष्ण पक्ष·मार्गशीर्ष मास·संवत् 2072 कीलक
कोलकाता
पश्चिम बंगाल
22°34'21"N  88°21'50"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
द्वितीयाकृष्ण पक्ष
23:30 तक
ii.
नक्षत्र
मृगशिरा1 पाद
02:14 तक
iii.
योग
सिद्धशुभ
13:43 तक
iv.
करण
तैतिल
12:30 तक
v.
वार
शुक्रवारशुक्र स्वामी
सूर्योदय 05:57

सूर्य आर्क

दिनमान · 10 घण्टे 54 मिनट
05:57सूर्योदय16:51सूर्यास्त11:24
अरुणोदय
04:21
मध्याह्न
11:24
दिनमान
10:54
प्रातः सन्धि
04:38

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 13 घण्टे 06 मिनट
18:29चन्द्रोदय06:56चन्द्रास्तकला ~98%
रात्रिमान
13:06
निशीथ
22:58
गोधूलि
16:49
कला
98%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:02 — 11:46
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:13 — 05:05
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:13 — 13:57
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
16:49 — 17:17
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
22:58 — 23:50
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:38 — 05:57
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
16:51 — 18:10
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
17:56 — 19:27
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
08:40 — 10:02
विशेष योग · आज सक्रिय
+
सर्वार्थ सिद्धिसिद्धिदायक
समस्त दिवस
+
आनन्दादि — मानसशुभ
02:14 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
10:02 — 11:24
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
14:07 — 15:29
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
07:19 — 08:40
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
08:53 — 10:24
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
अस्त — बुधसूर्य से 5.29° दहन
सक्रिय
अस्त — शनिसूर्य से 2.67° दहन
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिचरलाभअमृतकालशुभरोगउद्वेगचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोग
वर्तमान
.
चर
05:57 — 07:19
दिन05:5716:51
1चरशुक्र05:5707:19
2लाभबुध07:1908:40
3अमृतचंद्र08:4010:02
4कालशनि10:0211:24
5शुभबृहस्पति11:2412:46
6रोगमंगल12:4614:07
7उद्वेगसूर्य14:0715:29
8चरशुक्र15:2916:51
रात्रि16:51 → अगला सूर्योदय
1रोगमंगल16:5118:29
2कालशनि18:2920:08
3लाभबुध20:0821:46
4उद्वेगसूर्य21:4623:24
5शुभबृहस्पति23:2401:03
6अमृतचंद्र01:0302:41
7चरशुक्र02:4104:19
8रोगमंगल04:1905:57
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
शुक्र
05:57 — 06:51
iशुक्र05:57
iiबुध06:51
iiiचन्द्र07:46
ivशनि08:40
vगुरु09:35
viमङ्गल10:29
viiसूर्य11:24
viiiशुक्र12:18
ixबुध13:13
xचन्द्र14:07
xiशनि15:02
xiiगुरु15:57
xiiiमङ्गल16:51
xivसूर्य17:57
xvशुक्र19:02
xviबुध20:08
xviiचन्द्र21:13
xviiiशनि22:19
xixगुरु23:24
xxमङ्गल00:30
xxiसूर्य01:35
xxiiशुक्र02:41
xxiiiबुध03:46
xxivचन्द्र04:52
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iवृश्चिक05:5607:29
iiधनु07:2909:34
iiiमकर09:3411:21
ivकुम्भ11:2112:55
vमीन12:5514:26
viमेष14:2616:07
viiवृष16:0718:05
viiiमिथुन18:0520:18
ixकर्क20:1822:34
xसिंह22:3400:45
xiकन्या00:4502:55
xiiतुला02:5505:09
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:5607:29
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृश्चिक · i
07:2909:34
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
धनु · ii
09:3411:21
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मकर · iii
11:2112:55
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
कुम्भ · iv
12:5514:26
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मीन · v
14:2616:07
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
मेष · vi
16:0718:05
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · vii
18:0520:18
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
मिथुन · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
मानस
परिवर्तन02:14
अगला योग
पद्म
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमपृथ्वी
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पश्चिम
दिशा-शूल
पश्चिम
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पूर्व
नक्षत्रानुसार
राहु वास
नैऋत्य
तिथि-आधारित
अग्नि वास
आकाश
अशुभ
भद्रा वास
स्वर्ग
शुभ
शिव वास
सभा
अशुभ
चन्द्र वास
दक्षिण
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
लाभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
वृषकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · तुला राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुआश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातिविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
वृश्चिक
समस्त दिवस
नक्षत्र
अनुराधा
3 पाद
देशान्तर
220°20'13"
220.34° सायन
गति
1.0117°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
वृषभ
चन्द्र राशि
नक्षत्र
मृगशिरा
1 पाद
गति
14.0917°
प्रति दिवस
देशान्तर
54°43'39"
54.73° सायन
कला — क्षयक्रम
98%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण द्वितीया
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
मार्गशीर्ष
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
कार्तिक
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
11
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
हेमन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
हेमन्त
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
दक्षिणायन
सायन
वैदिक अयन
दक्षिणायन
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2072
कीलक
शक संवत्
1937
मन्मथ
गुजराती संवत्
2072
प्लवंग
कलियुग वर्ष
5,116
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,68,888
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°05'10"
24.085986°
जूलियन दिवस
24,57,353
JD
संशोधित JD
57,353
MJD
जूलियन (पुरातन)
14 नवंबर
2015
राष्ट्रीय सिविल
अग्रहायण 6
शक 1937
राष्ट्रीय निरयन
कार्तिक 11
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,35,929
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
मङ्गल
राजा
मङ्गल
मन्त्री
बुध
सेनाधिपति
गुरु
मेघाधिपति
शुक्र
सस्याधिपति
शनि
धान्याधिपति
सूर्य
फलाधिपति
चन्द्र
रसाधिपति
बुध
धनाधिपति
मङ्गल
निरसाधिपति
गुरु
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण द्वितीया
23:30
अगला
कृष्ण तृतीया
22:01
+ २
कृष्ण चतुर्थी

नक्षत्र

अब
मृगशिरा
02:14
अगला
आर्द्रा
01:30
+ २
पुनर्वसु

योग

अब
सिद्ध
13:43
अगला
साध्य
11:04
+ २
शुभ

करण

अब
तैतिल
12:30
अगला
गर
23:30
+ २
वणिज
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°05'10"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्