ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
22°34'21"N · 88°21'50"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
सोमवार — पञ्चाङ्ग गणना

25.5मई 2020

सोमवार · 25 मई 2020
चन्द्र वार·शुक्ल पक्ष·ज्येष्ठ मास·संवत् 2077 प्रमादी
कोलकाता
पश्चिम बंगाल
22°34'21"N  88°21'50"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
तृतीयाशुक्ल पक्ष
01:19 तक
ii.
नक्षत्र
मृगशिरा4 पाद
06:11 तक
iii.
योग
धृतिशुभ
05:57 तक
iv.
करण
तैतिल
13:13 तक
v.
वार
सोमवारचन्द्र स्वामी
सूर्योदय 04:53

सूर्य आर्क

दिनमान · 13 घण्टे 21 मिनट
04:53सूर्योदय18:14सूर्यास्त11:34
अरुणोदय
03:17
मध्याह्न
11:34
दिनमान
13:21
प्रातः सन्धि
03:49

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 10 घण्टे 38 मिनट
06:51चन्द्रोदय20:37चन्द्रास्तकला ~5%
रात्रिमान
10:38
निशीथ
23:12
गोधूलि
18:12
कला
5%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:07 — 12:00
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
03:28 — 04:10
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:47 — 14:41
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
18:12 — 18:36
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:12 — 23:55
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
03:49 — 04:53
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
18:14 — 19:18
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
20:42 — 22:21
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
04:53 — 06:33
विशेष योग · आज सक्रिय
+
सर्वार्थ सिद्धिसिद्धिदायक
समस्त दिवस
+
आनन्दादि — आनन्दशुभ
06:11 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
06:33 — 08:13
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
09:53 — 11:34
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
13:14 — 14:54
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
14:54 — 16:33
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिअमृतकालशुभरोगउद्वेगचरलाभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचर
वर्तमान
.
अमृत
04:53 — 06:33
दिन04:5318:14
1अमृतचंद्र04:5306:33
2कालशनि06:3308:13
3शुभबृहस्पति08:1309:53
4रोगमंगल09:5311:34
5उद्वेगसूर्य11:3413:14
6चरशुक्र13:1414:54
7लाभबुध14:5416:34
8अमृतचंद्र16:3418:14
रात्रि18:14 → अगला सूर्योदय
1चरशुक्र18:1419:34
2रोगमंगल19:3420:54
3कालशनि20:5422:14
4लाभबुध22:1423:33
5उद्वेगसूर्य23:3300:53
6शुभबृहस्पति00:5302:13
7अमृतचंद्र02:1303:33
8चरशुक्र03:3304:53
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
चन्द्र
04:53 — 06:00
iचन्द्र04:53
iiशनि06:00
iiiगुरु07:06
ivमङ्गल08:13
vसूर्य09:20
viशुक्र10:27
viiबुध11:34
viiiचन्द्र12:40
ixशनि13:47
xगुरु14:54
xiमङ्गल16:01
xiiसूर्य17:08
xiiiशुक्र18:14
xivबुध19:08
xvचन्द्र20:01
xviशनि20:54
xviiगुरु21:47
xviiiमङ्गल22:40
xixसूर्य23:33
xxशुक्र00:27
xxiबुध01:20
xxiiचन्द्र02:13
xxiiiशनि03:06
xxivगुरु03:59
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iवृष04:5206:17
iiमिथुन06:1708:30
iiiकर्क08:3010:46
ivसिंह10:4612:57
vकन्या12:5715:08
viतुला15:0817:22
viiवृश्चिक17:2219:37
viiiधनु19:3721:43
ixमकर21:4323:30
xकुम्भ23:3001:03
xiमीन01:0302:34
xiiमेष02:3404:15
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
04:5206:17
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · i
06:1708:30
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
मिथुन · ii
08:3010:46
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कर्क · iii
10:4612:57
राज पञ्चकयात्रा · वाद-विवाद त्यागें
सिंह · iv
12:5715:08
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कन्या · v
15:0817:22
अग्नि पञ्चकअग्नि कार्य त्यागें
तुला · vi
17:2219:37
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृश्चिक · vii
19:3721:43
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
धनु · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
आनन्द
परिवर्तन06:11
अगला योग
कालदण्ड
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमपृथ्वी
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
पूर्व
दिशा-शूल
पूर्व
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पूर्व
नक्षत्रानुसार
राहु वास
पश्चिम
तिथि-आधारित
अग्नि वास
आकाश
अशुभ
भद्रा वास
स्वर्ग
शुभ
शिव वास
सभा
अशुभ
चन्द्र वास
पश्चिम
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
लाभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
⊝ अष्टम चन्द्र · वृश्चिक राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुआश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातिविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
वृषभ
समस्त दिवस
नक्षत्र
रोहिणी
1 पाद
देशान्तर
40°04'53"
40.08° सायन
गति
0.9607°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
मिथुन
चन्द्र राशि
नक्षत्र
मृगशिरा
4 पाद
गति
12.8494°
प्रति दिवस
देशान्तर
65°58'32"
65.98° सायन
कला — वृद्धिक्रम
5%
शुक्ल पक्ष · शुक्ल तृतीया
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
शुक्ल
वृद्धिक्रम
मास — पूर्णिमान्त
ज्येष्ठ
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
ज्येष्ठ
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
11
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
ग्रीष्म
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
ग्रीष्म
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2077
प्रमादी
शक संवत्
1942
शार्वरी
गुजराती संवत्
2076
विरोधकृत
कलियुग वर्ष
5,121
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,70,529
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°08'55"
24.148744°
जूलियन दिवस
24,58,994
JD
संशोधित JD
58,994
MJD
जूलियन (पुरातन)
12 मई
2020
राष्ट्रीय सिविल
ज्येष्ठ 4
शक 1942
राष्ट्रीय निरयन
वैशाख 11
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,37,570
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
गुरु
राजा
गुरु
मन्त्री
शुक्र
सेनाधिपति
शनि
मेघाधिपति
सूर्य
सस्याधिपति
चन्द्र
धान्याधिपति
मङ्गल
फलाधिपति
बुध
रसाधिपति
शुक्र
धनाधिपति
गुरु
निरसाधिपति
शनि
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
शुक्ल तृतीया
01:19
अगला
शुक्ल चतुर्थी
01:09
+ २
शुक्ल पंचमी

नक्षत्र

अब
मृगशिरा
06:11
अगला
आर्द्रा
07:04
+ २
पुनर्वसु

योग

अब
धृति
05:57
अगला
शूल
05:07
+ २
गंड

करण

अब
तैतिल
13:13
अगला
गर
01:19
+ २
वणिज
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°08'55"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्