ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
22°34'21"N · 88°21'50"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
बुधवार — पञ्चाङ्ग गणना

10.3मार्च 2021

बुधवार · 10 मार्च 2021
बुध वार·कृष्ण पक्ष·फाल्गुन मास·संवत् 2077 प्रमादी
कोलकाता
पश्चिम बंगाल
22°34'21"N  88°21'50"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
द्वादशीकृष्ण पक्ष
14:41 तक
ii.
नक्षत्र
श्रवण2 पाद
21:04 तक
iii.
योग
परिघअशुभ
10:38 तक
iv.
करण
तैतिल
14:41 तक
v.
वार
बुधवारबुध स्वामी
सूर्योदय 05:50

सूर्य आर्क

दिनमान · 11 घण्टे 54 मिनट
05:50सूर्योदय17:44सूर्यास्त11:47
अरुणोदय
04:14
मध्याह्न
11:47
दिनमान
11:54
प्रातः सन्धि
04:38

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 12 घण्टे 05 मिनट
04:39, 11 मार्चचन्द्रोदय14:54चन्द्रास्तकला ~12%
रात्रिमान
12:05
निशीथ
23:22
गोधूलि
17:42
कला
12%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:12 — 05:01
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:46 — 14:34
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
17:42 — 18:08
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:22 — 00:11
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
04:38 — 05:50
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
17:44 — 18:56
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
10:31 — 12:08
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
07:19 — 08:49
विशेष योग · आज सक्रिय
+
आनन्दादि — मुद्गरअशुभ
21:04 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
11:47 — 13:16
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
07:19 — 08:49
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
10:18 — 11:47
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
01:11 — 02:50
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
अस्त — शुक्रसूर्य से 4.08° दहन
सक्रिय
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिलाभअमृतकालशुभरोगउद्वेगचरलाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाललाभउद्वेग
वर्तमान
.
लाभ
05:50 — 07:19
दिन05:5017:44
1लाभबुध05:5007:19
2अमृतचंद्र07:1908:49
3कालशनि08:4910:18
4शुभबृहस्पति10:1811:47
5रोगमंगल11:4713:16
6उद्वेगसूर्य13:1614:45
7चरशुक्र14:4516:15
8लाभबुध16:1517:44
रात्रि17:44 → अगला सूर्योदय
1उद्वेगसूर्य17:4419:15
2शुभबृहस्पति19:1520:45
3अमृतचंद्र20:4522:16
4चरशुक्र22:1623:47
5रोगमंगल23:4701:17
6कालशनि01:1702:48
7लाभबुध02:4804:19
8उद्वेगसूर्य04:1905:49
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
बुध
05:50 — 06:50
iबुध05:50
iiचन्द्र06:50
iiiशनि07:49
ivगुरु08:49
vमङ्गल09:48
viसूर्य10:47
viiशुक्र11:47
viiiबुध12:46
ixचन्द्र13:46
xशनि14:45
xiगुरु15:45
xiiमङ्गल16:44
xiiiसूर्य17:44
xivशुक्र18:44
xvबुध19:45
xviचन्द्र20:45
xviiशनि21:46
xviiiगुरु22:46
xixमङ्गल23:47
xxसूर्य00:47
xxiशुक्र01:47
xxiiबुध02:48
xxiiiचन्द्र03:48
xxivशनि04:49
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iकुम्भ05:5006:08
iiमीन06:0807:39
iiiमेष07:3909:19
ivवृष09:1911:18
vमिथुन11:1813:31
viकर्क13:3115:47
viiसिंह15:4717:58
viiiकन्या17:5820:08
ixतुला20:0822:22
xवृश्चिक22:2200:38
xiधनु00:3802:43
xiiमकर02:4304:30
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
05:5006:08
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
कुम्भ · i
06:0807:39
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मीन · ii
07:3909:19
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
मेष · iii
09:1911:18
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · iv
11:1813:31
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · v
13:3115:47
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कर्क · vi
15:4717:58
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
सिंह · vii
17:5820:08
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कन्या · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
मुद्गर
परिवर्तन21:04
अगला योग
छत्र
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमपृथ्वी
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
उत्तर
दिशा-शूल
उत्तर
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
पश्चिम
नक्षत्रानुसार
राहु वास
ईशान
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पाताल
शुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
वृषभ
शुभ
चन्द्र वास
दक्षिण
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
शुभ
शुभ
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · मिथुन राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातिअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषा
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
कुम्भ
समस्त दिवस
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
2 पाद
देशान्तर
325°29'12"
325.49° सायन
गति
0.9993°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
मकर
चन्द्र राशि
नक्षत्र
श्रवण
2 पाद
गति
13.0709°
प्रति दिवस
देशान्तर
285°01'02"
285.02° सायन
कला — क्षयक्रम
12%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण द्वादशी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
फाल्गुन
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
माघ
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
26
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
वसन्त
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
शिशिर
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2077
प्रमादी
शक संवत्
1942
शार्वरी
गुजराती संवत्
2077
परिधावी
कलियुग वर्ष
5,122
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,70,818
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°09'35"
24.159799°
जूलियन दिवस
24,59,283
JD
संशोधित JD
59,283
MJD
जूलियन (पुरातन)
25 फरवरी
2021
राष्ट्रीय सिविल
फाल्गुन 19
शक 1942
राष्ट्रीय निरयन
माघ 26
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,37,859
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
शुक्र
राजा
शुक्र
मन्त्री
शनि
सेनाधिपति
सूर्य
मेघाधिपति
चन्द्र
सस्याधिपति
मङ्गल
धान्याधिपति
बुध
फलाधिपति
गुरु
रसाधिपति
शनि
धनाधिपति
शुक्र
निरसाधिपति
सूर्य
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण द्वादशी
14:41
अगला
कृष्ण त्रयोदशी
14:40
+ २
कृष्ण चतुर्दशी

नक्षत्र

अब
श्रवण
21:04
अगला
धनिष्ठा
21:47
+ २
शतभिषा

योग

अब
परिघ
10:38
अगला
शिव
09:26
+ २
सिद्ध

करण

अब
तैतिल
14:41
अगला
गर
02:37
+ २
वणिज
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°09'35"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्