ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
PAURANIK· सनातन पञ्चाङ्गम्
22°34'21"N · 88°21'50"E
दिनांक
आज
स्थान
समय क्षेत्र
GMT+5:30UTC +05:30
मंगलवार — पञ्चाङ्ग गणना

21.1जनवरी 2025

मंगलवार · 21 जनवरी 2025
मङ्गल वार·कृष्ण पक्ष·माघ मास·संवत् 2081 पिंगल
कोलकाता
पश्चिम बंगाल
22°34'21"N  88°21'50"E
GMT+5:30 · UTC +05:30
i.
तिथि
सप्तमीकृष्ण पक्ष
12:40 तक
ii.
नक्षत्र
चित्रा2 पाद
23:38 तक
iii.
योग
धृतिशुभ
03:51 तक
iv.
करण
बव
12:40 तक
v.
वार
मंगलवारमङ्गल स्वामी
सूर्योदय 06:18

सूर्य आर्क

दिनमान · 10 घण्टे 59 मिनट
06:18सूर्योदय17:17सूर्यास्त11:48
अरुणोदय
04:42
मध्याह्न
11:48
दिनमान
10:59
प्रातः सन्धि
05:00

चन्द्र आर्क

रात्रिमान · 13 घण्टे 01 मिनट
23:51चन्द्रोदय10:37चन्द्रास्तकला ~58%
रात्रिमान
13:01
निशीथ
23:22
गोधूलि
17:16
कला
58%
01

शुभ — अशुभ काल

मुहूर्त निरीक्षण
दिन के शुभ और अशुभ काल — समस्त मुहूर्त एक ही स्थान पर।

शुभ मुहूर्त

अनुकूल काल
i
अभिजित मुहूर्तमध्याह्न का सर्वोत्तम काल
11:26 — 12:10
ii
ब्रह्म मुहूर्तध्यान-योग का काल
04:34 — 05:26
iii
विजय मुहूर्तविजय एवं सफलता
13:38 — 14:22
iv
गोधूलि मुहूर्तगृह-प्रवेश, विवाह
17:16 — 17:43
v
निशीथ मुहूर्तअर्धरात्रि पूजन
23:22 — 00:14
vi
प्रातः सन्ध्याप्रातः उपासना
05:00 — 06:18
vii
सायाह्न सन्ध्यासायं उपासना
17:17 — 18:35
viii
अमृत कालसर्व-सिद्धिकर
16:24 — 18:12
ix
अमृत चौघड़ियादिन का शुभ चौघड़िया
11:48 — 13:10
विशेष योग · आज सक्रिय
+
द्विपुष्कर योगद्विगुण लाभदायक
समस्त दिवस
+
आनन्दादि — ध्वांक्षअशुभ
23:38 तक

अशुभ काल

त्याज्य काल
i
राहुकालनवीन कार्य त्यागें
14:33 — 15:55
ii
यमगण्डयात्रा त्यागें
09:03 — 10:26
iii
गुलिक कालशुभ कार्य रोकें
11:48 — 13:10
iv
वर्ज्यम 1नक्षत्र-त्याज्य
05:55 — 07:43
अन्य दोष · दर्शन
पञ्चकअनुपस्थित
गण्डमूलअनुपस्थित
02

चौघड़िया

सोलह अंश · दिन-रात्रि चक्र
सूर्योदय से आठ दिन-चौघड़िया, सूर्यास्त से आठ रात्रि-चौघड़िया।
दिन ↑↓ रात्रिरोगउद्वेगचरलाभअमृतकालशुभरोगकाललाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाल
वर्तमान
.
रोग
06:18 — 07:41
दिन06:1817:17
1रोगमंगल06:1807:41
2उद्वेगसूर्य07:4109:03
3चरशुक्र09:0310:26
4लाभबुध10:2611:48
5अमृतचंद्र11:4813:10
6कालशनि13:1014:33
7शुभबृहस्पति14:3315:55
8रोगमंगल15:5517:17
रात्रि17:17 → अगला सूर्योदय
1कालशनि17:1718:55
2लाभबुध18:5520:33
3उद्वेगसूर्य20:3322:10
4शुभबृहस्पति22:1023:48
5अमृतचंद्र23:4801:25
6चरशुक्र01:2503:03
7रोगमंगल03:0304:41
8कालशनि04:4106:18
03

होरा

चौबीस ग्रहाधिपति
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चौबीस होरा, प्रत्येक का स्वामी।
वर्तमान होरा
मङ्गल
06:18 — 07:13
iमङ्गल06:18
iiसूर्य07:13
iiiशुक्र08:08
ivबुध09:03
vचन्द्र09:58
viशनि10:53
viiगुरु11:48
viiiमङ्गल12:43
ixसूर्य13:38
xशुक्र14:33
xiबुध15:28
xiiचन्द्र16:22
xiiiशनि17:17
xivगुरु18:22
xvमङ्गल19:28
xviसूर्य20:33
xviiशुक्र21:38
xviiiबुध22:43
xixचन्द्र23:48
xxशनि00:53
xxiगुरु01:58
xxiiमङ्गल03:03
xxiiiसूर्य04:08
xxivशुक्र05:13
04

लग्न

द्वादश राशि · आरोह क्रम
दिन-रात्रि चक्र में पूर्व क्षितिज पर उदय होती द्वादश राशियाँ।
मेषवृषमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुम्भमीनiiiiiiivvviviiviiiixxxixii
वर्तमान लग्न
.
iमकर06:1807:43
iiकुम्भ07:4309:16
iiiमीन09:1610:47
ivमेष10:4712:28
vवृष12:2814:26
viमिथुन14:2616:39
viiकर्क16:3918:55
viiiसिंह18:5521:06
ixकन्या21:0623:17
xतुला23:1701:31
xiवृश्चिक01:3103:47
xiiधनु03:4705:52
05

पञ्चक रहित

लग्न-शुभाशुभ
प्रत्येक लग्न को शुभ या पञ्चक का गुण प्राप्त होता है — रोग, राज, अग्नि, चोर, मृत्यु।
06:1807:43
चोर पञ्चकलेन-देन त्यागें
मकर · i
07:4309:16
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
कुम्भ · ii
09:1610:47
मृत्यु पञ्चकयात्रा त्यागें
मीन · iii
10:4712:28
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मेष · iv
12:2814:26
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
वृष · v
14:2616:39
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
मिथुन · vi
16:3918:55
रोग पञ्चकस्वास्थ्य · चिकित्सा त्यागें
कर्क · vii
18:5521:06
शुभ कालसमस्त शुभ कार्य
सिंह · viii
06

आनन्दादि योग

वार-नक्षत्र पर आधारित २८ योग
प्रत्येक वार-नक्षत्र संयोग एक आनन्दादि योग बनाता है।
वर्तमान योग
ध्वांक्ष
परिवर्तन23:38
अगला योग
केतु
आडलअनुपस्थित
विडालअनुपस्थित
तत्त्वजीवनमपृथ्वी
07

दिशा-शूल · वास

दिशा-नियंत्रण
आज किस दिशा में यात्रा त्याज्य, और प्रमुख देवताओं का वास।
उत्तरईशानपूर्वआग्नेयदक्षिणनैऋत्यपश्चिमवायव्य
यात्रा त्यागें
उत्तर
दिशा-शूल
उत्तर
यात्रा त्यागें
होमाहुति
अनुपलब्ध
अग्नि देव
नक्षत्र-शूल
उत्तर
नक्षत्रानुसार
राहु वास
पूर्व
तिथि-आधारित
अग्नि वास
पृथ्वी
शुभ
भद्रा वास
पाताल
शुभ
शिव वास
श्मशान
अशुभ
चन्द्र वास
दक्षिण
चन्द्र दिशा
कुम्भ चक्र
मृत्यु
त्याज्य
08

चन्द्र-तारा बलम

राशि-नक्षत्र शुभाशुभ
किन राशियों एवं नक्षत्रों के लिए आज का काल अनुकूल है।

चन्द्र बलम

राशि-शुभाशुभ
शुभ राशियाँ — आज
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
⊝ अष्टम चन्द्र · कुम्भ राशि — विशेष सावधानी

तारा बलम

नक्षत्र-शुभाशुभ
शुभ नक्षत्र — आज
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुआश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातिविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपद
09

सूर्य-चन्द्र विवरण

ज्योतिर्मय गणना
दोनों ज्योतिर्धरों की राशि, नक्षत्र, पाद, देशान्तर, गति, कला।

सूर्य

सौर ज्योतिर्धर
राशि
मकर
समस्त दिवस
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
4 पाद
देशान्तर
277°00'27"
277.01° सायन
गति
1.0175°
प्रति दिवस

चन्द्र

चन्द्र ज्योतिर्धर
राशि
कन्या
चन्द्र राशि
नक्षत्र
चित्रा
2 पाद
गति
11.8107°
प्रति दिवस
देशान्तर
178°08'60"
178.15° सायन
कला — क्षयक्रम
58%
कृष्ण पक्ष · कृष्ण सप्तमी
10

मास · ऋतु · अयन

पक्ष एवं काल विवरण
पूर्णिमान्त एवं अमान्त मास, सौर प्रविष्टे, दृक एवं वैदिक ऋतु, अयन।
पक्ष
कृष्ण
क्षयक्रम
मास — पूर्णिमान्त
माघ
उत्तर भारतीय
मास — अमान्त
पौष
दक्षिण भारतीय
प्रविष्टे
7
सौर दिवस
अधिक मास
नहीं
सामान्य
दृक ऋतु
शिशिर
सौर-आधारित
वैदिक ऋतु
शिशिर
चान्द्र-आधारित
दृक अयन
उत्तरायण
सायन
वैदिक अयन
उत्तरायण
निरयन
11

संवत्सर · काल-गणना

विक्रम · शक · गुजराती
विक्रम, शक, गुजराती संवत्, कलियुग वर्ष, अहर्गण, अयनांश, जूलियन दिवस।
विक्रम संवत्
2081
पिंगल
शक संवत्
1946
क्रोधी
गुजराती संवत्
2081
नल
कलियुग वर्ष
5,126
/ ४,३२,०००
कलि अहर्गण
18,72,231
दिवस
लाहिड़ी अयनांश
24°12'50"
24.213839°
जूलियन दिवस
24,60,696
JD
संशोधित JD
60,696
MJD
जूलियन (पुरातन)
8 जनवरी
2025
राष्ट्रीय सिविल
माघ 1
शक 1946
राष्ट्रीय निरयन
पौष 7
सौर
रात्रिदिए (R.D.)
7,39,272
proleptic
शक चक्र
चक्र 33
६० वर्ष
12

संवत्सर के दश अधिकारी

मन्त्री मण्डल
वर्ष-संचालन में दश ग्रह — राजा, मन्त्री, सेनाधिपति, मेघाधिपति आदि।
राजामन्त्रीसेनामेघसस्यधान्यफलरसधननिरस
वर्ष-राजा
मङ्गल
राजा
मङ्गल
मन्त्री
बुध
सेनाधिपति
गुरु
मेघाधिपति
शुक्र
सस्याधिपति
शनि
धान्याधिपति
सूर्य
फलाधिपति
चन्द्र
रसाधिपति
बुध
धनाधिपति
मङ्गल
निरसाधिपति
गुरु
13

संक्रमण

आगामी अन्त्य काल
तिथि, नक्षत्र, योग, करण के आगामी तीन परिवर्तन।

तिथि

अब
कृष्ण सप्तमी
12:40
अगला
कृष्ण अष्टमी
15:18
+ २
कृष्ण नवमी

नक्षत्र

अब
चित्रा
23:38
अगला
स्वाति
02:35
+ २
विशाखा

योग

अब
धृति
03:51
अगला
शूल
04:39
+ २
गंड

करण

अब
बव
12:40
अगला
बालव
02:00
+ २
कौलव
दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वारउज्जैनमथुराअयोध्यापटनाइंदौर
गणना इंजन
JPL DE441 · दृक् (वेधसिद्ध)
अयनांश
लाहिड़ी · चित्रापक्ष · 24°12'50"
सूर्योदय परिभाषा
उत्तरबिम्ब · वायुमण्डल संशोधित
ॐ    तत्    सत्