ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
कोलकाता, पश्चिम बंगाल

कोलकाता — पंचांग

7 अप्रैल 2025, सोमवार

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
13:11
चंद्रास्त
02:01
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अप्रैल 2025 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
7 अप्रैल 2025, सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल दशमी
20:00 तक
अगली: शुक्ल एकादशी
प्रगति37%
नक्षत्र
पुष्य (4 पाद)
06:24 तक
अगली: आश्लेषा
स्वामी: शनि
योग
धृति
18:17 तक
अगला: शूल
शुभ
करण
तैतिल
07:37 तक
अगला: गर
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल दशमी· 20:00 तक
शुक्ल एकादशी
नक्षत्र
पुष्य · पद 4· 06:24 तक
आश्लेषा
योग
धृति· 18:17 तक
शूल
करण
तैतिल· 07:37 तक
गर
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिमीन
नक्षत्ररेवती
पद2
देशांतर353°10'36"
चन्द्रमा
राशिकर्क
नक्षत्रपुष्य
पद4
देशांतर105°36'16"

राशि

चंद्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
मीन

कोलकाता — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:48 — 04:36
प्रातः सन्ध्या
04:36 — 06:12
सूर्योदय
05:24
अभिजित मुहूर्त
11:15 — 12:03
अमृत कालविशेष
05:24 — 06:57
विजय मुहूर्त
15:24 — 16:14
गोधूलि मुहूर्त
17:30 — 18:18
सूर्यास्त
17:54
सायाह्न सन्ध्या
17:57 — 19:06
निशिता मुहूर्त
23:15 — 00:03
राहु काल
06:57 — 08:31
यमगंड काल
08:31 — 10:05
गुलिक काल
13:13 — 14:46
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:05 — 10:52
द्वितीय दुर्मुहूर्त
13:13 — 13:59
चंद्रोदय
13:11
चंद्रास्त
02:01
मध्याह्न
11:39
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
चैत्र
चन्द्र माह (अमान्त)
चैत्र
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2082
शक संवत्
1947
गुजराती संवत्
2080

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
पुष्य
नक्षत्र स्वामी
शनि
नक्षत्र देवता
बृहस्पति
सूर्य नक्षत्र
रेवती
पद 2स्वामी: बुध

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वसन्त
द्रिक ऋतु
वसन्त
अयन
उत्तरायण

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 30 मिनट 19 सेकण्ड
31 घटी 16 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 29 मिनट 41 सेकण्ड
28 घटी 44 पल
मध्याह्न (सौर)
11:39
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 7 अप्रैल 2025, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:2406:57
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
06:5708:31
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
08:3110:05
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:0511:39
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
11:3913:13
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:1314:46
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:4616:20
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:2017:54
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

17:5419:20
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:2020:46
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
20:4622:13
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
22:1323:39
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
23:3901:05
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
01:0502:31
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
02:3103:57
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
03:5705:24
चर
यात्रा, वाहन चालन

कोलकाता पंचांग — अप्रैल 2025

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अन्य शहरों का पंचांग — 7 अप्रैल 2025, सोमवार

दिल्लीमुंबईचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

कोलकाता पंचांग — 7 अप्रैल 2025, सोमवार

कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के लिए 7 अप्रैल 2025, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता में 7 अप्रैल 2025, सोमवार को सूर्योदय कब है?

कोलकाता में 7 अप्रैल 2025, सोमवार को सूर्योदय 05:24 बजे और सूर्यास्त 17:54 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

कोलकाता में 7 अप्रैल 2025, सोमवार को राहु काल कब है?

कोलकाता में 7 अप्रैल 2025, सोमवार को राहु काल 06:57 से 08:31 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

कोलकाता में 7 अप्रैल 2025, सोमवार को तिथि क्या है?

कोलकाता में 7 अप्रैल 2025, सोमवार को शुक्ल दशमी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।