ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
कोलकाता, पश्चिम बंगाल

कोलकाता — पंचांग

1 अगस्त 2027, रविवार

सूर्योदय
05:08
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
03:32
चंद्रास्त
17:28
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अगस्त 2027 — मासिक पंचांग

सर्वार्थ सिद्धि योग
1 अगस्त 2027, रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग है — सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
19:20 तक
अगली: कृष्ण अमावस्या
प्रगति25%
नक्षत्र
पुनर्वसु (1 पाद)
20:04 तक
अगली: पुष्य
स्वामी: बृहस्पति
योग
वज्र
00:00 तक
अगला: सिद्धि
अशुभ
करण
विष्टि
09:11 तक
अगला: शकुनि
अशुभ
वार
रविवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण चतुर्दशी· 19:20 तक
कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र
पुनर्वसु · पद 1· 20:04 तक
पुष्य
योग
वज्र· 00:00 तक
सिद्धि
करण
विष्टि· 09:11 तक
शकुनि
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकर्क
नक्षत्रपुष्य
पद4
देशांतर104°15'56"
चन्द्रमा
राशिमिथुन
नक्षत्रपुनर्वसु
पद1
देशांतर83°17'44"

राशि

चंद्र राशि
मिथुन
सूर्य राशि
कर्क

कोलकाता — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:32 — 04:20
प्रातः सन्ध्या
04:20 — 05:56
सूर्योदय
05:08
अभिजित मुहूर्त
11:19 — 12:07
अमृत कालविशेष
10:04 — 11:43
विजय मुहूर्त
15:40 — 16:32
गोधूलि मुहूर्त
17:54 — 18:42
सूर्यास्त
18:18
सायाह्न सन्ध्या
18:21 — 19:30
निशिता मुहूर्त
23:19 — 00:07
राहु काल
16:39 — 18:18
यमगंड काल
10:04 — 11:43
गुलिक काल
15:00 — 16:39
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:04 — 10:53
द्वितीय दुर्मुहूर्त
17:28 — 18:18
चंद्रोदय
03:32
चंद्रास्त
17:28
मध्याह्न
11:43
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
भाद्रपद
चन्द्र माह (अमान्त)
श्रावण
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
पुनर्वसु
नक्षत्र स्वामी
बृहस्पति
नक्षत्र देवता
अदिति
सूर्य नक्षत्र
पुष्य
पद 4स्वामी: शनि

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
13 घण्टे 09 मिनट 53 सेकण्ड
32 घटी 55 पल
रात्रिमान
10 घण्टे 50 मिनट 07 सेकण्ड
27 घटी 5 पल
मध्याह्न (सौर)
11:43
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 1 अगस्त 2027, रविवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:0806:47
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
06:4708:25
चर
यात्रा, वाहन चालन
08:2510:04
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
10:0411:43
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
11:4313:22
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
13:2215:00
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
15:0016:39
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
16:3918:18
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

रात का चौघड़िया

18:1819:39
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
19:3921:00
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
21:0022:22
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
22:2223:43
चर
यात्रा, वाहन चालन
23:4301:04
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
01:0402:25
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
02:2503:47
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:4705:08
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य

कोलकाता पंचांग — अगस्त 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 1 अगस्त 2027, रविवार

दिल्लीमुंबईचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

कोलकाता पंचांग — 1 अगस्त 2027, रविवार

कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के लिए 1 अगस्त 2027, रविवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता में 1 अगस्त 2027, रविवार को सूर्योदय कब है?

कोलकाता में 1 अगस्त 2027, रविवार को सूर्योदय 05:08 बजे और सूर्यास्त 18:18 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

कोलकाता में 1 अगस्त 2027, रविवार को राहु काल कब है?

कोलकाता में 1 अगस्त 2027, रविवार को राहु काल 16:39 से 18:18 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

कोलकाता में 1 अगस्त 2027, रविवार को तिथि क्या है?

कोलकाता में 1 अगस्त 2027, रविवार को कृष्ण चतुर्दशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।