ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
कोलकाता, पश्चिम बंगाल

कोलकाता — पंचांग

18 अगस्त 2027, बुधवार

सूर्योदय
05:14
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
18:39
चंद्रास्त
05:52
← पिछला दिनआज का पंचांगअगला दिन →

अगस्त 2027 — मासिक पंचांग

पंचक चल रहा है
पंचक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
15:16 तक
अगली: कृष्ण द्वितीया
प्रगति58%
नक्षत्र
शतभिषा (1 पाद)
00:00 तक
अगली: पूर्वभाद्रपद
स्वामी: राहु
योग
अतिगंड
00:00 तक
अगला: सुकर्मा
अशुभ
करण
कौलव
00:00 तक
अगला: तैतिल
शुभ
वार
बुधवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण प्रतिपदा· 15:16 तक
कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र
शतभिषा · पद 1· 00:00 तक
पूर्वभाद्रपद
योग
अतिगंड· 00:00 तक
सुकर्मा
करण
कौलव· 00:00 तक
तैतिल
वार
बुधवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिसिंह
नक्षत्रमघा
पद1
देशांतर120°34'11"
चन्द्रमा
राशिकुम्भ
नक्षत्रशतभिषा
पद1
देशांतर307°31'37"

राशि

चंद्र राशि
कुम्भ
सूर्य राशि
सिंह

कोलकाता — शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:38 — 04:26
प्रातः सन्ध्या
04:26 — 06:02
सूर्योदय
05:14
अभिजित मुहूर्त
11:16 — 12:04
अमृत कालविशेष
06:51 — 08:27
विजय मुहूर्त
15:32 — 16:23
गोधूलि मुहूर्त
17:42 — 18:30
सूर्यास्त
18:06
सायाह्न सन्ध्या
18:09 — 19:18
निशिता मुहूर्त
23:16 — 00:04
राहु काल
11:40 — 13:17
यमगंड काल
05:14 — 06:51
गुलिक काल
10:04 — 11:40
प्रथम दुर्मुहूर्त
10:04 — 10:52
चंद्रोदय
18:39
चंद्रास्त
05:52
मध्याह्न
11:40

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह (पूर्णिमान्त)
आश्विन
चन्द्र माह (अमान्त)
भाद्रपद
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2084
शक संवत्
1949
गुजराती संवत्
2082

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 1
शतभिषा
नक्षत्र स्वामी
राहु
नक्षत्र देवता
वरुण
सूर्य नक्षत्र
मघा
पद 1स्वामी: केतु

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 51 मिनट 52 सेकण्ड
32 घटी 10 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 08 मिनट 08 सेकण्ड
27 घटी 50 पल
मध्याह्न (सौर)
11:40
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

दिन का चौघड़िया — 18 अगस्त 2027, बुधवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
05:1406:51
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
06:5108:27
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
08:2710:04
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
10:0411:40
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
11:4013:17
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
13:1714:53
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
14:5316:30
चर
यात्रा, वाहन चालन
16:3018:06
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

रात का चौघड़िया

18:0619:30
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
19:3020:53
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
20:5322:17
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
22:1723:40
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
23:4001:04
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:0402:27
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
02:2703:51
चर
यात्रा, वाहन चालन
03:5105:14
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी

कोलकाता पंचांग — अगस्त 2027

12345678910111213141516171819202122232425262728293031

अन्य शहरों का पंचांग — 18 अगस्त 2027, बुधवार

दिल्लीमुंबईचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराजहरिद्वार

कोलकाता पंचांग — 18 अगस्त 2027, बुधवार

कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के लिए 18 अगस्त 2027, बुधवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता में 18 अगस्त 2027, बुधवार को सूर्योदय कब है?

कोलकाता में 18 अगस्त 2027, बुधवार को सूर्योदय 05:14 बजे और सूर्यास्त 18:06 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

कोलकाता में 18 अगस्त 2027, बुधवार को राहु काल कब है?

कोलकाता में 18 अगस्त 2027, बुधवार को राहु काल 11:40 से 13:17 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

कोलकाता में 18 अगस्त 2027, बुधवार को तिथि क्या है?

कोलकाता में 18 अगस्त 2027, बुधवार को कृष्ण प्रतिपदा तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।