ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Lādnūn, राजस्थान

Lādnūn — पंचांग

4 सितंबर 2027, शनिवार

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
09:51
चंद्रास्त
21:00
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सितंबर 2027 — मासिक पंचांग

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल चतुर्थी
12:26 तक
अगली: शुक्ल पंचमी
प्रगति72%
नक्षत्र
चित्रा (3 पाद)
14:50 तक
अगली: स्वाति
स्वामी: मंगल
योग
शुक्ल
08:15 तक
अगला: ब्रह्म
शुभ
करण
विष्टि
12:26 तक
बव
23:46, 4 सित तक
अगला: बालव
अशुभ
वार
शनिवार

पंचांग सार

तिथि
शुक्ल चतुर्थी· 12:26 तक
शुक्ल पंचमी
नक्षत्र
चित्रा · पद 3· 14:50 तक
स्वाति
योग
शुक्ल· 08:15 तक
ब्रह्म
करण
विष्टि· 12:26 तक
बव
वार
शनिवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिसिंह
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी
पद2
देशांतर137°02'30"
चन्द्रमा
राशितुला
नक्षत्रचित्रा
पद3
देशांतर181°41'42"

राशि

चंद्र राशि
तुला
सूर्य राशि
सिंह

Lādnūn — शुभ-अशुभ समय

✦ शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
04:41 — 05:27
प्रातः सन्ध्या
05:04 — 06:12
अभिजित मुहूर्त
12:06 — 12:57
अमृत कालविशेष
15:41 — 17:16
विजय मुहूर्त
14:38 — 15:28
गोधूलि मुहूर्त
18:48 — 19:13
सायाह्न सन्ध्या
18:50 — 19:59
निशिता मुहूर्त
00:09 — 00:54
✦ अशुभ काल
राहु काल
09:22 — 10:57
यमगंड काल
15:41 — 17:16
गुलिक काल
06:12 — 07:47
प्रथम दुर्मुहूर्त
06:12 — 07:03
✦ खगोलीय समय
सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:50
मध्याह्न
12:31
चंद्रोदय
09:51
चंद्रास्त
21:00

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह
पूर्णिमान्त
भाद्रपद
चन्द्र माह
अमान्त
भाद्रपद
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
रौद्र
2084
शक संवत्
प्लवंग
1949
गुजराती संवत्
काललुक्त
2083
बृहस्पति संवत्सर
रौद्र

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 3
चित्रा
नक्षत्र स्वामी
मंगल
नक्षत्र देवता
विश्वकर्मा
सूर्य नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
पद 2स्वामी: शुक्र

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
वर्षा
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 37 मिनट 53 सेकण्ड
31 घटी 35 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 22 मिनट 07 सेकण्ड
28 घटी 25 पल
मध्याह्न (सौर)
12:31
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

नक्षत्र पाद विवरण — चित्रा

पाद 3
09:02
4 सित तक
पाद 4
14:49
4 सित तक

दिशा शूल एवं अन्य

दिशा शूल
पूर्व
आज पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित
लहिरी अयनांश
24.2504°
पंचक
पंचक नहीं

अन्य कैलेण्डर एवं युग

कलियुग
5128वर्ष
कलि अहर्गण
1873187दिन
जूलियन दिवस
2461652.5
राता डाई
740228
मॉ. जूलियन
61652
राष्ट्रीय शक
भाद्रपद 12, 1949 शक

दिन का चौघड़िया — 4 सितंबर 2027, शनिवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:1207:47
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
07:4709:22
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
09:2210:57
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
10:5712:31
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
12:3114:06
चर
यात्रा, वाहन चालन
14:0615:41
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
15:4117:16
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
17:1618:50
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें

रात का चौघड़िया

18:5020:16
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
20:1621:41
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
21:4123:06
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
23:0600:31
चर
यात्रा, वाहन चालन
00:3101:57
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
01:5703:22
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
03:2204:47
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
04:4706:12
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें

Lādnūn पंचांग — सितंबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 4 सितंबर 2027, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Lādnūn पंचांग — 4 सितंबर 2027, शनिवार

Lādnūn (राजस्थान) के लिए 4 सितंबर 2027, शनिवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Lādnūn के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Lādnūn में 4 सितंबर 2027, शनिवार को सूर्योदय कब है?

Lādnūn में 4 सितंबर 2027, शनिवार को सूर्योदय 06:12 बजे और सूर्यास्त 18:50 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Lādnūn में 4 सितंबर 2027, शनिवार को राहु काल कब है?

Lādnūn में 4 सितंबर 2027, शनिवार को राहु काल 09:22 से 10:57 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Lādnūn में 4 सितंबर 2027, शनिवार को तिथि क्या है?

Lādnūn में 4 सितंबर 2027, शनिवार को शुक्ल चतुर्थी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।