ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
Lādnūn, राजस्थान

Lādnūn — पंचांग

27 सितंबर 2027, सोमवार

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
03:09
चंद्रास्त
16:28
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सितंबर 2027 — मासिक पंचांग

गण्ड मूल (आश्लेषा नक्षत्र)
आज — गण्ड मूल नक्षत्र में शुभ कार्य वर्जित

पंचांग — पाँच अंग

तिथि
कृष्ण द्वादशी
16:55 तक
अगली: कृष्ण त्रयोदशी
प्रगति50%
नक्षत्र
आश्लेषा (4 पाद)
10:34 तक
अगली: मघा
स्वामी: बुध
योग
सिद्ध
11:08 तक
अगला: साध्य
शुभ
करण
कौलव
06:24 तक
तैतिल
16:55, 27 सित तक
अगला: गर
शुभ
वार
सोमवार

पंचांग सार

तिथि
कृष्ण द्वादशी· 16:55 तक
कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा · पद 4· 10:34 तक
मघा
योग
सिद्ध· 11:08 तक
साध्य
करण
कौलव· 06:24 तक
तैतिल
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष

ग्रह स्थिति

सूर्य
राशिकन्या
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
पद4
देशांतर159°27'25"
चन्द्रमा
राशिकर्क
नक्षत्रआश्लेषा
पद4
देशांतर117°26'17"

राशि

चंद्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
कन्या

Lādnūn — शुभ-अशुभ समय

✦ शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
04:47 — 05:35
प्रातः सन्ध्या
05:17 — 06:23
अभिजित मुहूर्त
11:59 — 12:47
अमृत कालविशेष
06:23 — 07:53
विजय मुहूर्त
14:23 — 15:11
गोधूलि मुहूर्त
18:22 — 18:48
सायाह्न सन्ध्या
18:24 — 19:29
निशिता मुहूर्त
23:59 — 00:47
✦ अशुभ काल
राहु काल
07:53 — 09:23
यमगंड काल
10:53 — 12:23
गुलिक काल
13:53 — 15:24
प्रथम दुर्मुहूर्त
12:47 — 13:35
✦ खगोलीय समय
सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
18:24
मध्याह्न
12:23
चंद्रोदय
03:09
चंद्रास्त
16:28

हिन्दू पंचांग — संवत् एवं मास

चन्द्र माह
पूर्णिमान्त
कार्तिक
चन्द्र माह
अमान्त
आश्विन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
रौद्र
2084
शक संवत्
प्लवंग
1949
गुजराती संवत्
काललुक्त
2083
बृहस्पति संवत्सर
रौद्र

नक्षत्र विस्तार

नक्षत्र पद
पद 4
आश्लेषा
नक्षत्र स्वामी
बुध
नक्षत्र देवता
सर्प
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
पद 4स्वामी: सूर्य

ऋतु एवं अयन

वैदिक ऋतु
शरद
द्रिक ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

दिनमान एवं रात्रिमान

दिनमान
12 घण्टे 00 मिनट 44 सेकण्ड
30 घटी 2 पल
रात्रिमान
11 घण्टे 59 मिनट 16 सेकण्ड
29 घटी 58 पल
मध्याह्न (सौर)
12:23
सूर्य का उच्चतम बिन्दु

नक्षत्र पाद विवरण — आश्लेषा

पाद 4
10:34
27 सित तक

दिशा शूल एवं अन्य

दिशा शूल
पूर्व
आज पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित
लहिरी अयनांश
24.2513°
पंचक
पंचक नहीं

अन्य कैलेण्डर एवं युग

कलियुग
5128वर्ष
कलि अहर्गण
1873210दिन
जूलियन दिवस
2461675.5
राता डाई
740251
मॉ. जूलियन
61675
राष्ट्रीय शक
आश्विन 4, 1949 शक

दिन का चौघड़िया — 27 सितंबर 2027, सोमवार

अमृतशुभलाभचरकालउद्वेगरोग
06:2307:53
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
07:5309:23
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
09:2310:53
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
10:5312:23
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
12:2313:53
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
13:5315:24
चर
यात्रा, वाहन चालन
15:2416:54
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
16:5418:24
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह

रात का चौघड़िया

18:2419:54
चर
यात्रा, वाहन चालन
19:5421:24
रोग
स्वास्थ्य निर्णय टालें
21:2422:53
काल
महत्वपूर्ण निर्णय टालें
22:5300:23
लाभ
व्यापार, धन लेनदेन, नौकरी
00:2301:53
उद्वेग
नया काम प्रारंभ न करें
01:5303:23
शुभ
विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य
03:2304:53
अमृत
सभी शुभ कार्य, पूजा, विवाह
04:5306:23
चर
यात्रा, वाहन चालन

Lādnūn पंचांग — सितंबर 2027

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अन्य शहरों का पंचांग — 27 सितंबर 2027, सोमवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊवाराणसीप्रयागराज

Lādnūn पंचांग — 27 सितंबर 2027, सोमवार

Lādnūn (राजस्थान) के लिए 27 सितंबर 2027, सोमवार का सम्पूर्ण हिन्दू पंचांग यहाँ प्रस्तुत है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और चौघड़िया की सटीक जानकारी दी गई है।

यह पंचांग Lādnūn के अक्षांश-देशांतर के अनुसार खगोलीय गणना पर आधारित है, जिससे सूर्योदय और अन्य समय स्थानीय रूप से सटीक हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्रत या मुहूर्त के लिए अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Lādnūn में 27 सितंबर 2027, सोमवार को सूर्योदय कब है?

Lādnūn में 27 सितंबर 2027, सोमवार को सूर्योदय 06:23 बजे और सूर्यास्त 18:24 बजे है। ये समय खगोलीय गणना के आधार पर सटीक हैं।

Lādnūn में 27 सितंबर 2027, सोमवार को राहु काल कब है?

Lādnūn में 27 सितंबर 2027, सोमवार को राहु काल 07:53 से 09:23 तक है। इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

Lādnūn में 27 सितंबर 2027, सोमवार को तिथि क्या है?

Lādnūn में 27 सितंबर 2027, सोमवार को कृष्ण द्वादशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग हैं — तिथि (चंद्र दिन), नक्षत्र (चंद्र मंडल), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), करण (अर्ध-तिथि) और वार (सप्ताह का दिन)। ये पाँचों मिलकर किसी भी दिन की शुभता निर्धारित करते हैं।

अभिजित मुहूर्त किसे कहते हैं?

अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो सौर मध्याह्न (solar noon) के आसपास 48 मिनट का होता है। बृहत्संहिता के अनुसार यह दिन का आठवाँ मुहूर्त है।